
जयपुर/पत्रिका। Rajasthan Roadways Action: राजस्थान रोडवेज की फ्लाइंग की सूचना फ्लाइंग के निकलने से पहले ही वाट्सऐप ग्रुप पर शेयर की जा रही थी। कौनसी फ्लाइंग किस रूट पर जा रही है, लोकेशन सहित कई अन्य जानकारियां भी शेयर की गईं। ग्रुप में शामिल रोडवेज बसों के कंडक्टर-ड्राइवरों को फ्लाइंग की सूचना पहले ही लग जाती थी, वे बेटिकट यात्रियों को उतार देते या पुरानी टिकट दे रहे थे। ऐसा करके कंडक्टर-ड्राइवर रोडवेज को चूना लगाकर अपनी जेबें भर रहे थे। रोडवेज एमडी ने ऐसे वाट्सऐप ग्रुप पकड़े हैं। उनमें शामिल 6 कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। वहीं दो बस सारथियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। आशंका है कि इसमें रोडवेज के कई अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। हालांकि, ग्रुप संचालित कर रहे बाहरी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बेटिकट लोगों को यात्रा करवा लगा रहे चपत
रोडवेज की बसों में टिकट लेकर ही यात्रा कर सकते हैं, लेकिन कई कंडक्टर लोगों से कम पैसे लेकर उन्हें वैध टिकट नहीं देते हैं। टिकट नहीं कटने से रोडवेज के खाते में पैसा नहीं आता बल्कि कंडक्टर की जेब में जाता है। इसे रोकने के लिए डिपो व मुख्यालय की फ्लाइंग नियमित रूप से चैकिंग करती है। इन फ्लाइंग की सूचना को वाट्सएप पर लीक किया जा रहा था।
इन पर की गई कार्रवाई
रोडवेज कर्मचारी मनीष चौहान का कोटा डिपो से अनूपगढ़ डिपो, जितेन्द्र सिंह राठौड़ का अजयमेरू से बांसवाड़ा, चेतन नाथ जोगी का अजयमेरू से बांसवाडा, विरेन्द्र सिंह राठौड़ का टोंक से डीडवाना, मुकेश कुमार वैशालीनगर से डूंगरपुर डिपो व चालक विनोद कुमार शर्मा का भरतपुर डिपो से झालावाड़ डिपो में तबादला किया गया। वहीं दो बस सारथी ओमप्रकश सैन (कोटा डिपो) व विष्णु सैनी (सवाईमाधोपुर डिपो) को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
शेयर कर रहे थे सूचना
उड़नदस्तों की सूचना वाट्सऐप ग्रुप पर शेयर की जा रही थी। ऐसे कुछ ग्रुप हमें मिले। उनमें शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी। नथमल डिडेल, एमडी, राजस्थान रोडवेज