जयपुर

रोडवेज प्रशासन की याद्दाश्त हुई कमजोर, खुद आदेश जारी कर भूले

लोग हो रहे परेशान
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Apr 09, 2019
rajasthan roadways
रोडवेज प्रशासन की याद्दाश्त हुई कमजोर, खुद आदेश जारी कर भूले

विजय शर्मा/जयपुर. राजस्थान रोडवेज की ओर से दो माह पहले बुजुर्गों को बस में अलग से सीट और बस स्टेंड पर अलग से काउंटर लगाने आदेश की कहीं पालना नहीं हो रही है। खुद रोडवेज के कर्मचारियों को ही आदेश के बारे में पता नहीं है। सिंधी कैंप स्थित केंद्रीय बस स्टेंड हो या राजधानी के अन्य स्टेंड, कहीं भी इस आदेश की पालना नहीं हो रही है। किसी भी काउंटर पर वरिष्ठ नागरिक और वृद्धजनों के लिए अलग से कतार लगाने की सूचना चस्पा नहीं है। पत्रिका ने शनिवार को मौके पर जाकर देखे हालात।

पालन करने व कराने वाले अनजान, भुगत रहे बुजुर्ग
सिंधी कैंंप बस स्टैंड: उम्र 80, गर्मी के बीच कतार में
प्लेटफॉर्म नंबर एक पर अलवर रूट के काउंटर पर खासी भीड़ लगी हुई थी। करीब 80 साल के एक बुजर्ग टिकट लेने पहुंचे। वह काउंटर पर भीड़ देखकर इधर-उधर ताकने लगे। आखिरकार वह पीछे गए और कतार में खड़े हो गए। उनके आगे युवा लगे हुए थे। काफी इंतजार के बाद ही उनका नंबर आ पाया।

नारायण सिंह सर्कल: जहां जगह मिले बैठ जाओ
यहां कई रोडवेज बसों की आवाजाही हो रही थी। बसों में आरक्षित सीट के बारे में जानने के लिए करौली डिपो की आरजे 34 2657 नंबर की बस में चढ़े। बस में सवारियां बैठी थीं। परिचालक से पूछा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से सीट कहां है, तो परिचालक बोला-जहां जगह मिल जाए वहीं बैठ जाओ। अलग से सीट नहीं है।

परिचालक बोला, आदेश ऐसे ही आते हैं
बस में अलग से सीट नहीं है। रोडवेज के कोई आदेश हैं तो इसकी जानकारी नहीं है। हमारी बस में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे कई आदेश आते हैं। इनका ध्यान नहीं रखा जाता।
अशोक, रोडवेज परिचालक

बुजुर्ग बोले, कार्ड है फिर भी खड़ा रहा
मेरे पास वरिष्ठ नागरिक का कार्ड है। जयपुर आता-जाता रहता हूं। न तो बसों में अलग सीट मिलती है, न अलग से कतार की व्यवस्था है। भीड़ में जगह नहीं मिलती।
रामस्वरूप, भरतपुर

अधिकारी बोलीं: मुझे आदेश की जानकारी नहीं
यह आदेश मेरे आने से पहले निकाले गए हैं। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अब आदेश का फीडबैक लिया जाएगा। अगर क्रियान्विति नहीं हो रही है, तो सख्ती से पालना करवाई जाएगी।
शुचि शर्मा, एमडी रोडवेज

Published on:
09 Apr 2019 10:11 am