केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस 2024 के मौके पर वीरता और सेवा पदक से सम्मानित लोगों के नामों की घोषणा कर दी गई है। राजस्थान के सांवला राम विश्नोई मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक के लिए चुने गए हैं।
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस 2024 के मौके पर वीरता और सेवा पदक से सम्मानित लोगों के नामों की घोषणा कर दी है। सीमा सुरक्षा बल के दो हेड कांस्टेबल स्वर्गीय सांवला राम विश्नोई और स्वर्गीय शिशु पाल सिंह को इस गणतंत्र दिवस पर मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक (पीएमजी) के लिए चुना गया है। स्वर्गीय सांवला राम विश्नोई राजस्थान के बाडमेर के निवासी थे। वह सीमा सुरक्षा बल में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। सांवला राम विश्नोई संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में अफ्रीका के कांगो में तैनात किए गए। जहां वह शहीद हो गए थे।
सांवला राम विश्नोई को यूएन मेडल भी मिला था
जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों ने कांगो में मोनुस्को के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का एलान किया था। प्रदर्शन हिंसक हो गया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बीएसएफ जवानों पर हमला कर दिया। इस हमले में दो भारतीय जवान शहीद हो गए। इसमें एक नाम सांवला राम विश्नोई का था। वह दिन 26 जुलाई 2022 का था। उनकी इस वीरता के लिए यूएन मेडल भी दिया गया था।
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1999 में बीएसएफ में हुए थे भर्ती
सांवलाराम विश्नोई साल 1999 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। उनकी पत्नी रुक्मणी, दो बेटे और एक बेटी है।
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