जयपुर

Petrol-Diesel Price: उत्तर भारत में राजस्थान के इस शहर में पेट्रोल सबसे महंगा, 4 दिन में दूसरी बार बढ़े भाव

Petrol-Diesel Price: होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे तनाव की वजह से वैश्विक तेल संकट गहरा गया है। ऐसे में पूरे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। इस बीच उत्तर भारत में राजस्थान का श्रीगंगानगर शहर महंगे पेट्रोल-डीजल के मामले में शीर्ष पर है।
2 min read
May 19, 2026
Petrol Price
पेट्रोल पंप की तस्वीर (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम कंपनियों ने मंगलवार से ईंधन के नए रेट लागू कर दिए हैं, जिसके तहत पेट्रोल करीब 94 पैसे प्रति लीटर और डीजल करीब 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। पिछले चार दिनों में यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

नई कीमतों के बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे सीमावर्ती जिले देश के सबसे महंगे ईंधन वाले शहरों की सूची में फिर चर्चा में आ गए हैं। यहां पेट्रोल की कीमत बढ़कर 110.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.65 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। राजस्थान में पहले से ही ऊंचे वैट और टैक्स के कारण ईंधन की कीमतें कई शहरों में राष्ट्रीय औसत से अधिक रहती हैं।

विजयवाड़ा में 113 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल

हालांकि, देश में सबसे महंगे पेट्रोल की बात करें तो दक्षिण भारत के शहर अभी भी शीर्ष पर बने हुए हैं। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में पेट्रोल की कीमत 113 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुकी है, जबकि डीजल 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है।

हैदराबाद में भी महंगा ईंधन

इसके अलावा तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद और केरल के तिरुवनंतपुरम जैसे शहर भी सबसे महंगे ईंधन वाले शहरों में शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन राज्यों में अधिक वैट और स्थानीय करों की वजह से उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

भोपाल में पेट्रोल का भाव

वहीं मध्य भारत में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत एमपी के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव अधिक हैं। राजधानी भोपाल में 110.77 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल बिक रहा है।

तेल की कीमत बढ़ने की वजह

तेल कंपनियों की ओर से की गई लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। कुछ समय पहले तक कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं, लेकिन वैश्विक तनाव और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के कारण यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे तेल कंपनियों की लागत बढ़ी है और कंपनियां कीमतों में संशोधन कर रही हैं।

ऐसे तय होता है पेट्रोल-डीजल का भाव

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, टैक्स, डीलर कमीशन और अन्य खर्चों के आधार पर तय होती हैं। सरकारी तेल कंपनियां डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत रोजाना सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।

Updated on:
19 May 2026 03:21 pm
Published on:
19 May 2026 03:15 pm