जयपुर

Rajasthan Level-2 Teacher Recruitment : हाईकोर्ट में जीते, मेरिट में भी आगे… फिर भी क्यों नहीं मिल रही नौकरी? अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

हाईकोर्ट से मुकदमे की जंग जीतने और चयनकर्ताओं से ज्यादा नंबर लाने के बाद भी अभ्यर्थियों को क्यों नहीं मिल रही नौकरी? राजस्थान लेवल-2 शिक्षक भर्ती 2022 का पूरा सच।
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Aug 04, 2026
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Rajasthan Teacher Recruitment 2022 Level 2 candidates

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कानूनी पचड़ों और प्रशासनिक सुस्ती का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। शिक्षक भर्ती-2022 (लेवल-2) में चयनित अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल करने और राजस्थान हाईकोर्ट से हक का फैसला अपने पक्ष में कराने के बावजूद दर्जनों पात्र अभ्यर्थी पिछले दो महीनों से नियुक्ति पत्र पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

न्यायालय द्वारा तय की गई समय-सीमा समाप्त होने के दो महीने बीत जाने के बाद भी जब शिक्षा विभाग से कोई सकारात्मक आदेश जारी नहीं हुआ, तो हताश और आक्रोशित अभ्यर्थियों ने सोमवार को राजधानी जयपुर में सरकार के मंत्रियों और सत्तारूढ़ पार्टी के पदाधिकारियों के दरवाजे खटखटाए।

11 मई का ऐतिहासिक फैसला, पर धरातल पर शून्य

मामला राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है जो 11 मई 2026 को सुनाया गया था। याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष तर्क दिया था कि भर्ती परीक्षा में उनके अंक पूर्व में चयनित घोषित किए गए अभ्यर्थियों से अधिक हैं, फिर भी उन्हें अंतिम चयन सूची से बाहर रखा गया है।

अदालत ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शिक्षा विभाग को नियत समय-सीमा के भीतर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने के सख्त आदेश दिए थे। हालांकि, आदेश के दो माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही के चलते फाइलें दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।

युवा रोजगार अधिकार संघ , मंत्रियों से लगाई गुहार

सोमवार को राजधानी जयपुर में युवा रोजगार अधिकार संघ के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों पात्र अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल एकजुट हुआ और उन्होंने सरकार के शीर्ष मंत्रियों से मुलाकात कर अपनी पीड़ा जाहिर की।

प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की फाइल सौंपी और बताया कि किस तरह हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद विभाग स्तर पर देरी की जा रही है।

इसके पश्चात अभ्यर्थियों ने गृह राज्य मंत्री से भेंट कर मामले की गंभीरता से अवगत कराया और शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कराने का आग्रह किया, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत से भी मुलाकात की। कुमावत ने अभ्यर्थियों के सामने ही तत्काल शिक्षा विभाग के सचिव को दूरभाष (Phone) कर मामले की समीक्षा करने और पात्र अभ्यर्थियों को जल्द राहत देने के कड़े निर्देश जारी किए।

मंत्रियों से आश्वासन मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर संगठन प्रभारी से भी मुलाकात की और प्रशासनिक मशीनरी की ढिलाई पर नाराजगी जताई।

अभ्यर्थियों की चेतावनी: आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे परीक्षा में अव्वल अंक लाने और अदालत से मुकदमा जीतने के बाद भी आज बेरोजगारों की तरह मंत्रियों के चक्कर काट रहे हैं। युवा रोजगार अधिकार संघ का कहना है कि यदि शासन और प्रशासन ने मंत्री स्तर पर मिले आश्वासनों के बावजूद जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए, तो अभ्यर्थी सामूहिक रूप से बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

Updated on:
04 Aug 2026 10:24 am
Published on:
04 Aug 2026 10:24 am