
Rajasthan : राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से आयोजित प्राध्यापक हिंदी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी 36 वर्षीय दिनेश कुमार को एसओजी ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले करीब 2 साल से फरार चल रहा था। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि जांच में सामने आया कि जालौर के रानीवाड़ा स्थित भाटीप निवासी मूल अभ्यर्थी सैलाराम ने ऑनलाइन आवेदन करते समय अपने सांचौर के करडा निवासी साले दिनेश कुमार की मिक्स फोटो और हस्ताक्षर लगाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाई थी।
आरोपी दिनेश कुमार ने डमी अभ्यर्थी के रूप में सैलाराम की जगह परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया और परीक्षा दी। उसने प्रवेश पत्र व उपस्थिति पत्रक पर भी सैलाराम के फर्जी हस्ताक्षर कर अपनी फोटो चस्पा की थी।
आईजी अजयपाल लांबा ने बताया कि परीक्षा में सफल होने के बाद दस्तावेज सत्यापन के दौरान परीक्षा केंद्र पर जमा उपस्थिति पत्रक और पात्रता जांच के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में फोटो का मिलान नहीं हुआ। ऑनलाइन आवेदन में अपलोड फोटो से भी अंतर सामने आने पर आरपीएससी ने मूल अभ्यर्थी सैलाराम को नोटिस जारी किया। उसके आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर मामला दर्ज कराया गया। एसओजी ने पूर्व में सैलाराम को 23 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चालान पेश किया।
एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा, डीआईजी भुवन भूषण यादव और एसपी कुंदन कंवरिया के सुपरविजन में जांच अधिकारी एएसपी तरुणकांत सोमानी ने 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई को मंगलवार को गिरफ्तार किया। पड़ताल में सामने आया कि सैलाराम के गिरफ्तार होने के बाद ही वह माहेश्वरी कोलानी भीनमाल और जालौर में अलग-अलग स्थानों पर अपनी पहचान छिपाते हुए फरार चल रहा था।