जयपुर

Rajasthan Roadways: राजस्थान को मिलेंगी 600 इलेक्ट्रिक-रोडवेज बसें, 10 शहरों में विकसित होंगे आधुनिक बस पोर्ट

Rajasthan Roadways Update: जयपुर में परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नए बस पोर्ट, इलेक्ट्रिक बसों और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई।
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May 22, 2026
Rajasthan Roadways news
अधिकारियों संग बैठक करते उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा। फोटो- पत्रिका

जयपुर। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में शुक्रवार को परिवहन मुख्यालय में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग तथा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की उच्च स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण, सड़क सुरक्षा, यात्री सुविधाओं के विस्तार और बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं और तकनीकी नवाचारों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्थान का परिवहन तंत्र देश में मॉडल के रूप में स्थापित हो सके।

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आधुनिक बस पोर्ट विकसित होंगे

उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने, परिवहन सेवाओं को सुलभ और जनहितकारी बनाने, नए बस स्टैंड विकसित करने तथा मौजूदा बस स्टैंडों की मरम्मत और रखरखाव के निर्देश दिए। साथ ही आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि अजमेर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर और बीकानेर सहित प्रदेश के 10 जिला मुख्यालयों पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस पोर्ट विकसित किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने संबंधित परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का ऑटोमेशन

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य के सभी 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का ऑटोमेशन किया जा रहा है। एजेंसी के सहयोग से 14 स्थानों पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक शुरू हो चुके हैं, जबकि शेष स्थानों पर कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। गलत स्लॉट बुकिंग रोकने के लिए पिनकोड आधारित मैपिंग व्यवस्था भी लागू की गई है। बैठक में रोडवेज बेड़े के आधुनिकीकरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 300 इलेक्ट्रिक बसों और 300 नई रोडवेज बसों की खरीद प्रक्रिया मिशन मोड पर जारी है।

सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर

सड़क सुरक्षा के तहत 3 हजार से अधिक चिकित्सा कर्मियों को एडवांस लाइफ सपोर्ट तथा 15 हजार से अधिक नागरिकों को बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सड़क सुरक्षा कोष से पुलिस विभाग को आधुनिक ब्रेथ एनालाइजर, इंटरसेप्टर वाहन, रिफ्लेक्टिव क्रॉस बेल्ट और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने का कार्य भी तेज गति से चल रहा है।

‘आपणी बस-राजस्थान रोडवेज’ योजना का विस्तार

ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए ‘आपणी बस-राजस्थान रोडवेज’ योजना के तहत पहले चरण में 357 मार्गों पर बस संचालन किया जा रहा है। कई मार्गों पर यात्री भार 100 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है। दूसरे चरण के तहत नए कार्यादेश जारी किए गए हैं और शेष मार्गों पर निविदा प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने जन-अभाव अभियोगों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवादों के निस्तारण का औसत समय 18 दिनों से घटकर 11 दिन रह गया है तथा राहत प्रतिशत बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है। बैठक में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा, विशिष्ट सहायक भगवत सिंह राठौड़ सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Updated on:
22 May 2026 07:17 pm
Published on:
22 May 2026 07:17 pm