जयपुर

दिवाली पर जयपुर में बसों की आवाजाही पर आया नया अपडेट, जानिए अब क्या रहेगी व्यवस्था?

दिवाली पर जयपुर में बसों के संचालन को लेकर यातायात पुलिस ने अपना फैसला वापस ले लिया है। अब रोडवेज और निजी बसें पहले की तरह सिंधी कैंप से ही संचालित होंगी।
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Updated: 3 Nov 2026, 9:08 AM IST
Jaipur Bus Service
नारायण सिंह सर्किल बसों का ठहराव बंद होने के बावजूद लोक परिवहन की बसें यहां रुककर सवारी ले रही हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ट्रैफिक पुलिस तैनात होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। (फोटोः अनुग्रह सोलोमन)

जयपुर. दिवाली पर शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए सिंधी कैंप से रोडवेज और निजी बसों का संचालन शहर से बाहर शिफ्ट करने की यातायात पुलिस की कवायद विरोध के आगे टिक नहीं पाई। रोडवेज अधिकारियों और निजी बस ऑपरेटर्स की आपत्ति के बाद यातायात पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। सोमवार को दिनभर चले घटनाक्रम के बाद बसों के संचालन की पुरानी व्यवस्था ही यथावत रखने का निर्णय किया गया। यानी रोडवेज की एक्सप्रेस और वोल्वो बसें पहले की तरह सिंधी कैंप से ही चलेगी। निजी बस ऑपरेटर्स को भी राहत मिल गई है। दरअसल, यातायात पुलिस ने दिवाली के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए 3 से 9 नवंबर तक रोडवेज और निजी बसों को शहर के बाहरी इलाकों से संचालित करने का निर्णय किया था। निजी बसों के लिए भी अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए थे।

रोडवेज का इनकार

आदेश जारी होने के बाद रोडवेज और यातायात पुलिस के बीच बसों के संचालन को लेकर तकरार शुरू हो गई। रोडवेज अधिकारियों ने सिंधी कैंप को अधिकृत बस स्टैंड बताते हुए यहां से ही बसों का संचालन जारी रखने का निर्णय किया। कहा, यहां राज्यभर के यात्री बाहर दूसरे शहरों और राज्यों के लिए बसें पकड़ते हैं। जबकि ट्रांसपोर्ट नगर, हीरापुरा टर्मिनल, दुर्गापुरा और सीकर रोड पर पहले ही रोडवेज के बस स्टॉपेज संचालित है।

यातायात पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

इतनी बड़ी व्यवस्था लागू करने से पहले रोडवेज प्रशासन, जेसीटीएसएल, ऑटो यूनियन और ई-रिक्शा संचालकों के साथ समन्वय बैठक नहीं की गई। वैकल्पिक बस स्टैंड तक यात्रियों की आवाजाही के लिए कनेक्टिविटी का भी कोई ठोस इंतजाम नहीं था। आनन-फानन में आदेश जारी कर दिए गए, लेकिन विरोध के बाद इन्हें वापस लेना पड़ा।

निजी बसों को छूट का रास्ता तो नहीं!

इस फैसले के पीछे निजी बस संचालकों को दोबारा सिंधी कैंप से संचालन की छूट देने की मंशा नजर आ रही है। दरअसल, सिंधी कैंप के बाहर निजी बसों के अवैध संचालन से यातायात प्रभावित होता है। बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। इसलिए निजी बसों को सिंधी कैंप से संचालन की अनुमति देने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि यहां निजी बसों का संचालन अधिकृत नहीं है। ऐसे में रोडवेज और निजी बसों को समान व्यवस्था में रखना समझ से परे है। इससे पहले निजी बस ऑपरेटर्स ने शहर से बाहर बसें संचालित करने के फैसले का यह कहते हुए विरोध था कि यात्रियों की बुकिंग और पिकअप व्यवस्था सिंधी कैंप से होती है।

व्यवस्था यथावत

मुख्यालय से निर्देश मिले हैं कि रोडवेज बसों का संचालन सिंधी कैंप से ही किया जाए। संचालन व्यवस्था पूर्व की तरह रहेगी।
- राकेश राव, प्रबंधक सिंधी कैंप
यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। रोडवेज अधिकारियों से वार्ता हुई है। निजी और रोडवेज बसों का संचालन यथावत रहेगा।
-प्रवीण नायक, डीसीपी ट्रैफिक

यह भी तर्क : रोडवेज बसें बाहर शिफ्ट होती तो…

  • रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों को दूसरे बस स्टैंड तक जाना पड़ता।
  • एक बस स्टैंड से दूसरे तक पहुंचने में ऑटो या कैब का अतिरिक्त किराया देना पड़ता।
  • वैकल्पिक बस स्टैंड वाले इलाकों में सिटी बसों की पर्याप्त कनेक्टिविटी नहीं है।
  • कई रूट पर सिटी कम होने से यात्रियों को कैब पर निर्भर रहना पड़ता।
  • महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ सामान लेकर यात्रा करने वालों की परेशानी बढ़ती।
Updated on:
3 Nov 2026, 9:08 AM IST
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