
Rajasthan Varisth Nagrik Tirth Yatra Yojana : राजस्थान देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत वर्ष 2026-2027 के लिए इस माह के तीसरे सप्ताह से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए पोर्टल में तकनीकी संशोधन किया जा रहा है। साथ ही विभाग आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने में जुटा है।
अब तक योजना में आवेदन केवल जनाधार नंबर (परिवार पहचान संख्या) के आधार पर होता था। इस कारण जिन परिवारों में एक ही जनाधार से जुड़े दो सदस्यों में किसी एक की उम्र योजना में तय की गई सीमा से कम होती थी, तो दोनों के आवेदन अटक जाते थे। इस कारण हर वर्ष कई बुजुर्ग यात्रा नहीं कर पाते थे।
अब नई व्यवस्था के तहत सदस्य क्रमांक के जरिए भी आवेदन किए जा सकेंगे। इससे हर पात्र वरिष्ठ नागरिक की अलग पहचान सुनिश्चित होगी व आवेदन निरस्त होने की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से योजना का दायरा बढ़ेगा।
इस बार यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी विशेष फोकस रखा है। लंबे समय बाद फिर से ट्रेनों में जीआरपीएफ जवानों की तैनाती की जाएगी। हर ट्रेन में एक हेड कांस्टेबल, चार कांस्टेबल सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे।
1- 06 हजार बुजुर्गों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ मंदिर (नेपाल) के दर्शन करवाए जाएंगे।
2- 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए पोर्टल में अलग संशोधन।
3- मुख्य सूची के साथ 100 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची भी बनेगी।
4- गत वर्ष 49,787 ने रेल मार्ग और 6000 ने हवाई मार्ग से तीर्थ यात्रा की।
5- आय और पूर्व में यात्रा नहीं करने का स्व-घोषणा पत्र अनिवार्य।
6- एयरकंडीशनर कोच वाली ट्रेनों पर योजना की थीम आधारित ब्रांडिंग की जाएगी।
7- इस वर्ष 150 करोड़ रुपए का बजट है। 50 हजार को एसी ट्रेन से 15 तीर्थों की यात्रा कराई जाएगी।
व्यवस्था को पहले से ज्यादा सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है। मई के तीसरे सप्ताह से आवेदन शुरू होंगे। लॉटरी निकलने के बाद यात्रा भी जल्दी शुरू करवाने का लक्ष्य है। इसके लिए विभाग के पोर्टल पर डेमो भी किया है।
गीतेश मालवीया, अतिरिक्त आयुक्त, देवस्थान विभाग