जयपुर

जलदाय मंत्री के बयान के बाद राजस्थान में मचा सियासी हड़कंप, पूर्व CM गहलोत ने लिया आड़े ‘हाथ’; सीएम भजनलाल को दे दी ये सलाह

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जलदाय मंत्री को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री से अपने विभाग में बदलाव कर किसी जिम्मेदार व्यक्ति को काम करने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा।

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May 28, 2024

राजस्थान में भीषण गर्मी के चलते जगह-जगह जल संकट बना हुआ है। ऐसे में गहराते पेयजल संकट पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के बयान के बाद प्रदेश में सियासी हड़कंप मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जलदाय मंत्री को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री से अपने विभाग में बदलाव कर किसी जिम्मेदार व्यक्ति को काम करने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा।

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि 'राजस्थान सरकार के पेयजल मंत्री का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं पानी की किल्लत से परेशान जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाला है। एक मंत्री द्वारा ऐसी भाषा इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता।

राजस्थान में जल संकट हर गर्मियों में आता है परन्तु पहले से प्लानिंग कर इसे आसानी से हल किया जा सकता है। छह महीने से सरकार में होने के बावजूद कोई योजना नहीं बनाई गई इसलिए ऐसी परिस्थिति बनी एवं अब पेयजल मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं।'

क्षमता नहीं तो छोड़ पद- गहलोत

उन्होंने आगे कहा कि 'यदि पेयजल मंत्री इस परिस्थिति में जनता को राहत पहुंचाने की क्षमता नहीं रखते तो उन्हें मुख्यमंत्री जी से अपने विभाग में बदलाव करने का निवेदन कर किसी जिम्मेदार व्यक्ति को काम करने देना चाहिए।

पेयजल और बिजली संकट में राज्य सरकार, PHED विभाग, बिजली विभाग, जिला प्रशासन, नगरीय एवं पंचायतीराज निकाय सभी की जिम्मेदारी थी कि पहले से योजना बनाई जाती एवं आकस्मिक परिस्थितियों से भी निपटने की तैयारी की जाती। ऐसा समय पर नहीं किया गया इसलिए जनता त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है पर सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री जी को पेयजल एवं बिजली संकट पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर चर्चा करनी चाहिए एवं इसका हल निकाला जाना चाहिए।'

‘मैं कोई बालाजी नहीं, जो पानी आ जाए’- मंत्री

पेयजल संकट पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ‘वे कोई बालाजी नहीं है, जो फूंक मार दें और पानी आ जाए।’ जलदाय विभाग के इंजीनियरों के साथ सोमवार को यहां बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही।

मंत्री ने कहा कि यह बात वे इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पिछले वर्ष बारिश कम हुई और अब बांधों में महज 35 प्रतिशत पानी ही रह गया है। यही हाल बीसलपुर का भी हुआ। मेरी तो भगवान से प्रार्थना है कि मानसून ऐसा आए कि बांध भर जाएं। नहीं तो हो सकता है कि कई जगह ट्रेन से पानी पहुंचाना पड़े। उन्होंने कहा, सीएम भजनलाल भी गर्मी में पेयजल संकट के समाधान को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

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