Rajasthan Weather Alert : राजस्थान में मार्च के आखिरी दिनों में लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इस सप्ताह आंधी-बारिश का दौर रहेगा।
जयपुर। राजस्थान में मार्च के आखिरी दिनों में लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इस सप्ताह आंधी-बारिश का दौर रहेगा। मौसम केन्द्र जयपुर ने इसकी संभावना जताई है। मौसम केन्द्र के अनुसार आगामी दिनों में बैक टू बैक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से बादल छाए रहेंगे। 26-27 मार्च को पूर्वी व उत्तरी भागों में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा एक और नया मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 28-31 मार्च के दौरान राज्य के कुछ भागों में सक्रिय रहेगा। इसके असर से मेघगर्जन के साथ आंधी-बारिश होने की संभावना है।
इधर, सोमवार को राज्य के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा। इसके प्रभाव से भरतपुर,जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हुई। इससे दिन तापमान का सामान्य से पांच डिग्री तक गिरावट रही। वहीं, रात के न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी रही। रात का पारा चार डिग्री तक बढ़ा।
कोटा शहर में दिन में बादल छाए रहे और दोपहर बाद अचानक बारिश हुई। सुबह मौसम साफ रहा और तेज धूप निकली, लेकिन दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने बादल छा गए और करीब 10 मिनट तक बारिश हुई। बारिश के चलते शहर की सड़कों पर पानी बह निकला और लोगों को गर्मी से राहत मिली। जिले में सांगोद, आंवा, कुंदनपुर सहित अन्य इलाकों में बारिश हुई। गांवों में इन दिनों खेतों में कटी फसल पड़ी है। ऐसे में बारिश से उनमें नुकसान की आशंका है। इसके अलावा बारां जिले के कुछ गांवों में बूंदाबांदी हुई।
किशनगढ़ में सोमवार शाम को अचानक हुई रिमझिम बारिश ने कृषि उपज मंडी में अव्यवस्था की स्थिति पैदा कर दी। मंडी परिसर में खुले में पड़े जिंसों के ढेर और बारदानों में भरी उपज बारिश में भीग गई, इससे व्यापारियों और किसानों को नुकसान की आशंका सताने लगी है।
सोमवार शाम करीब 4.30 बजे बारिश शुरू होते ही मंडी में एक बारगी काश्तकारों और व्यापारियों के साथ ही मजदूरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। व्यापारी और हम्माल जिंसों को बचाने के लिए तिरपाल और शेड की ओर भागते नजर आए, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में उपज भीग गई। खासकर खुले में रखी चना, मूंग, जौ और सरसों की ढेरियां पानी की चपेट में आ गईं।
अरांई में हुई बे-मौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब शाम 5 बजे आधे घंटे तक रुक-रुक कर हुई तेज बारिश और हवाओं के कारण खेतों में पानी भर गया, जिससे खड़ी और कटी दोनों तरह की फसलें प्रभावित हुई हैं। अरांई, कटसुरा, चौसला, इन्दौली, अलमास, धौलपुरिया व कालानाडा सहित आसपास के गांवों में तेज हवा के साथ बारिश से खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं। वहीं खेतों में कटी पड़ी चना व अन्य फसलें भीग गईं, जिससे दानों के खराब होने व अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है।