
जयपुर में पहली बार AI आधारित इंटीग्रेटेड पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लागू। Photo: AI generated
जयपुर। अगर आपने चौराहों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया या रेड लाइट पर जेब्रा कॉसिंग पर वाहन खड़ा किया तो कंट्रोल रूम से वाहन नंबर पुकारकर चेतावनी मिलेगी। शहर में ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित यातायात पर नियंत्रण के लिए पहली बार एआइ आधारित इंटीग्रेटेड पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। जेडीए ने इसके लिए शहर के 20 सबसे व्यस्त, भीड़भाड़ वाले तिराहे और चौराहों को चिह्नित किया है।
पायलट प्रोजेक्ट जयपुर के रामबाग चौराहे पर शुरू भी कर दिया गया, जहां ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को कंट्रोल रूम से सीधे चेतावनी दी गई। रेड लाइट पर लाइन पार करने और जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहन रोकने वालों पर कैमरों से नजर रखी गई तथा वहां लगे लाउडस्पीकर के जरिए वाहन नंबर पुकारकर नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। इससे चौराहे पर लोगों और वाहन चालकों में उत्सुकता बनी रही। इस सिस्टम को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है।
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने हाल ही सूरत का दौरा कर वहां के मॉडल का अध्ययन किया। सूरत में यह सिस्टम ट्रैफिक प्रबंधन, कानून व्यवस्था और जनजागरूकता अभियानों में प्रभावी रूप से उपयोग हो रहा है।
जेडीए अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम कचरा प्रबंधन, आपदा संबंधी सूचनाएं, सामाजिक जागरूकता अभियान और आवारा पशुओं पर नियंत्रण जैसी गतिविधियों में भी उपयोग किया जाएगा।
यादगार तिराहा, नारायण सिंह तिराहा, रामबाग चौराहा, त्रिमूर्ति सर्कल, गणेश मंदिर, ओटीएस चौराहा, सांगानेर सर्कल, इंडिया गेट, ट्रांसपोर्ट नगर, बड़ी चौपड़, जोरावर सिंह गेट, त्रिवेणी नगर, गवर्नमेंट प्रेस चौराहा, 200 फीट चौराहा, सोडाला सर्कल, विजय द्वार, रोड नंबर-14 सीकर रोड, चौमूं तिराहा, सिंधी कैंप, रेलवे स्टेशन।
चिह्नित चौराहों पर 40 आइपी हॉर्न स्पीकर लगाए जाएंगे, जेडीए इस पर करीब 37.83 लाख रुपए खर्च करेगा। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग सेंट्रल सॉफ्टवेयर और आइसीसीसी इंटीग्रेशन कर रहा है।
जयपुर में पहली बार लागू हो रहे एआइ आधारित इंटीग्रेटेड पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को तुरंत चेतावनी मिलेगी। रेड लाइट जंप, जेब्रा क्रॉसिंग पार करने और गलत तरीके से वाहन रोकने जैसी घटनाओं में कमी आएगी।चौराहों पर ट्रैफिक जाम कम होगा और यातायात अधिक व्यवस्थित रहेगा। कैमरों और एआइ की निगरानी से पुलिस व ट्रैफिक कंट्रोल रूम की कार्यक्षमता बढ़ेगी। हादसों और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जयपुर में हाईटेक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम मजबूत होगा।
Published on:
21 May 2026 08:30 am
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