
Weather Update : चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में मौसम का मिजाज अक्टूबर के विदा होते होते ही बदल गया। शुक्रवार सुबह राजधानी जयपुर सहित प्रदेश में कई जगह लोग हल्के गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। सर्दी का असर साफ दिखाई दिया। प्रदेश में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा, भरतपुर और उदयपुर संभाग में बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को भी प्रदेश के 19 जिलों में बरसात, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवा चलने की संभावना जताई थी।। इस भविष्यवाणी का असर कई जिलों में दिखाई दिया। 30 अक्टूबर को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में बादल छाए रहे और कहीं कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई। जयपुर, भरतपुर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश की सूचना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना जताई थी।
मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान में और 1 नवंबर से पूर्वी राजस्थान में आगामी एक सप्ताह के दौरान मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना जताई है। राजस्थान में शुक्रवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर का 34.7 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि राज्य में सबसे कम अधिकतम तापमान करौली का 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं कोटा, भीलवाड़ा में 23 डिग्री सेल्सियस और माउंटआबू का 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान जवाई डेम पाली का 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। फतेहपुर का 15 जबकि माउंटआबू का 15.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजधानी जयपुर का अधिकतम तापमान 24.6 और न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग ने 1 नवंबर के बाद प्रदेश में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 नवंबर से 5 नवंबर तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में कुछ वृद्धि भी हो सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में राजस्थान में सर्वाधिक बरसात खैरथल जिले के खैरथल और हरसोली में 43 MM और जयपुर के पावटा में 40 MM दर्ज की गई।