
Rajasthan Weather Update: राजस्थान समेत देश के अधिकांश हिस्सों में 1 नवंबर को मनाई जाने वाली देवउठनी एकादशी, जिसे कुछ क्षेत्रों में 2 नवंबर को भी मनाया जाएगा, के साथ ही विवाह-शादियों के सीजन की शुरुआत होने जा रही है। देवउठनी एकादशी को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है, जिसके चलते इस दिन बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होते हैं।
माना जा रहा है कि इन दो दिनों में अकेले राजस्थान में ही लगभग तीस हजार शादियां होनी हैं। सिर्फ राजधानी जयपुर में ही चार से पांच हजार जोड़े विवाह बंधन में बंधने की तैयारी में हैं। हालांकि, इस शुभ अवसर पर होने वाली हज़ारों शादियों पर अब मौसम की संभावित बारिश के कारण खतरा मंडरा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के दक्षिणी और पूर्वी भागों में हल्की बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। चिंता की बात यह है कि उदयपुर और कोटा संभाग व आसपास के ज़िलों में आगामी 4-5 दिनों तक, यानी देवउठनी एकादशी के दौरान भी, बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की गतिविधियां जारी रहने की प्रबल संभावना है। बारिश के प्रभाव से दक्षिणी व पूर्वी भागों में अधिकतम तापमान में पहले ही 5 से 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में सबसे कम अधिकतम तापमान 15 डिग्री पाली में दर्ज किया गया।
नवंबर के प्रथम सप्ताह में भी राज्य के कुछ भागों में बारिश का दौर जारी रहने और विशेष रूप से दक्षिण-पूर्वी भागों में सामान्य से अधिक बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह पूर्वानुमान उन परिवारों के लिए चिंताजनक है जिन्होंने इस अबूझ मुहूर्त में विवाह समारोहों की योजना बनाई है।
हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि 5 नवंबर से आगामी एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क रहने और न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री तक की गिरावट होने की संभावना है। इसका मतलब है कि 5 नवंबर के बाद होने वाली शादियों के लिए मौसम साफ रहने की उम्मीद है।हजारों परिवारों को अब उम्मीद है कि देवउठनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त पर इंद्रदेव मेहरबान रहेंगे और विवाह समारोह बिना किसी बड़ी अड़चन के संपन्न होंगे।