Dust storm Rajasthan: राजस्थान में हीटवेव का असर जारी, 27-28 अप्रेल को मिलेगी राहत तापमान 45°C के करीब, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ से मौसम लेगा करवट
Heatwave Rajasthan: जयपुर. राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर अपने चरम पर पहुंच चुका है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम अधिकांशतः शुष्क रहा और कई जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिला। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमानों में से एक है। इसके अलावा पिलानी, चित्तौड़गढ़, फलोदी और बीकानेर सहित कई स्थानों पर गर्म दिन और तेज धूप ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी 2 से 3 दिनों तक पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव का असर जारी रह सकता है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी होने की संभावना है। विशेष रूप से बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
हालांकि, इस तेज गर्मी के बीच राहत की खबर भी सामने आई है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव की संभावना बन रही है। 26 अप्रेल से पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में हल्की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इसके बाद 27 और 28 अप्रेल को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा सहित कई संभागों में मेघगर्जन, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल—तिजारा, कोटपूतली—बहरोड, सवाईमाधोपुर, सीकर, बीकानेर, डीडवाना, कुचामन, हनुमानगढ, जैसलमेर, नागौ, फलौदी व श्रीगंगानगर जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। खासकर दोपहर बाद चलने वाली तेज हवाएं और बूंदाबांदी वातावरण को ठंडा करने में मदद करेंगी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव अस्थायी जरूर होगा, लेकिन फिलहाल यह राहत भरा रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि हीटवेव के दौरान दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। वहीं, आगामी दिनों में संभावित आंधी और बारिश को देखते हुए किसानों और आमजन को सतर्क रहने की भी आवश्यकता है।
कुल मिलाकर, राजस्थान में जहां एक ओर गर्मी का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी ओर आसमान से मिलने वाली राहत की उम्मीद ने लोगों के चेहरे पर कुछ सुकून जरूर ला दिया है।