Rain alert in rajasthan today: मौसम के बदले मिजाज के बीच प्रदेश में बीते दो दिनों से हो रही मावठ के बाद अब कड़ाके की सर्दी फिर से अपना असर दिखाना शुरू कर चुकी है।
Rain alert in rajasthan today: मौसम के बदले मिजाज के बीच प्रदेश में बीते दो दिनों से हो रही मावठ के बाद अब कड़ाके की सर्दी फिर से अपना असर दिखाना शुरू कर चुकी है। तापमान में करीब दो डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा चुकी है तो वहीं रात का तापमान भी मिला जुला दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते प्रदेश के करीब दो दर्जन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की चेतावनी जारी की है तो वहीं कोटा और अजमेर संभाग में बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। आज जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर, जैसलमेर और जोधपुर में कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहेगा। वहीं कल झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, अलवर, बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर में कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहेगा
सूर्यदेव के नहीं हुए दर्शन
विक्षोभ के असर से सूर्यदेव पूरी तरह से बादलों की ओट में हैं। राजधानी जयपुर में बीते दिन भी सूर्यदेव के शहरवासी दर्शन नहीं कर सके। इसके साथ ही शीतलहर और कोहरा छाने से कंपकंपी दिनभर रही। करोली, गंगानगर, माउंटआबू, फतेहपुर, सीकर, चूरू, पिलानी, भीलवाडा, हनुमानगढ सहित अन्य जगहों पर भी कोहरा छाया रहा। आज सुबह से यही नजारा उक्त जगहों पर देखने को मिला। बीते दिन मंगलवार शाम को जैसलमेर में पौषमास में चने के आकार की ओलावृष्टि से सफेद चादर बिछ गई। इससे फसलें भी पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं।
पारे में होगी गिरावट
मौसम विभाग के मुताबिक बीते 48 घंटे में पूर्वी एवं पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ ही कोहरे का असर जारी है। आगामी 24 घंटों के दौरान तापमान वर्तमान स्थिति के आसपास ही बना रहेगा। वहीं पूर्वी एवं पश्चिमी राजस्थान में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की भी संभावना है। आगामी एक से दो दिन में 2 से 4 डिग्री की गिरावट होने की संभावना है। 31 दिसंबर और एक जनवरी को उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं शीतलहर भी चलने की संभावना है।
किसानों क खिले चेहरे
मौसम विभाग के निदेशक आरएस शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में एक साथ दो चक्रवात सक्रिय हैं। एक चक्रवात गुजर रहा है और दूसरा 29 दिसंबर से सक्रिय हो रहा है। इससे पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। अरब सागर से भी नमी आ रही है। इन्हीं कारणों से मौसम में बदलाव आया है और बारिश का दौर जारी है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मावठ से मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों को सर्दी सता रही है, लेकिन किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। रबी, चने की फसल को भी बड़ी राहत मिलेगी। बागवानी फसलों में मटर, गाजर मूली आदि इससे फलेगी-फूलेंगी। मावठ होने से सरसों की फसल में अच्छा फायदा होगा। हालांकि इस दौरान गेहूं की फसल में पाला पड़ने का डर भी बढ़ गया है।
प्रमुख जगहों का पारा
प्रदेश में बीती रात मंगलवार को जयपुर, सीकर, फतेहपुर , सीकर, चूरू सहित अन्य जगहों में रात के पारे में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। एक दिन में फतेहपुर के पारे में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। यहां पारा दो डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से कोहरे और ओस के बीच कंपकंपी से जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। बेजुबान भी परेशान रहे । हिंडौन का पारा 5 डिग्री सेल्सियस, जोबनेर का पारा 3 डिग्री, माउन्ट आबू का पारा 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर, चूरू, जयपुर का पारा भी 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया।