जयपुर

Heat Wave: अलर्ट रहें, अगले 2 दिन में गर्मी बरपाएगी कहर, 45 डिग्री तक जा सकता है तापमान, लू का अलर्ट

Rain Forecast India: उत्तर-पश्चिम राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक, पूर्वी राजस्थान के ऊपर होकर गुजरने वाला 0.9 किमी ऊँचाई पर स्थित ट्रफ (गर्त) अब कमजोर पड़ गया है।

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Apr 18, 2026

heatwave alert in Rajasthan: जयपुर. प्रदेश में आगामी दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा। वहीं 4 से 5 दिनों के दौरान कुछ क्षेत्रों में लू चलने की भी संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों में बीकानेर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि शेष प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान चूरू में 43.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान भीलवाड़ा में 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी 14 से 54 प्रतिशत के बीच रही।

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मुख्य मौसम तंत्र / Chief Synoptic Features

एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है, जिसकी धुरी समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी ऊंचाई पर 58°E देशांतर के साथ 25°N अक्षांश के उत्तर में स्थित है।

वही पश्चिमी विक्षोभ अब मध्य व ऊपरी स्तर की उपोष्णकटिबंधीय पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में 3.1 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) के रूप में दिखाई दे रहा है।

केंद्रीय राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊंचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में भी 0.9 किमी ऊंचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के चक्रवाती परिसंचरण से लेकर बंगाल की खाड़ी के मन्नार की खाड़ी (Gulf of Mannar) तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ फैली हुई है, जो पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु से होकर गुजर रही है। यह प्रणाली 0.9 किमी ऊंचाई पर स्थित है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी 0.9 किमी ऊंचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ पूर्वी उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक फैली हुई है, जो बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश, असम और मेघालय से होकर गुजर रही है। इन क्षेत्रों में 0.9 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है।

उत्तरी और उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर 12.6 किमी ऊंचाई पर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) सक्रिय है, जिसकी अधिकतम हवा की गति लगभग 80 नॉट है।

उत्तर-पश्चिम राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक पूर्वी राजस्थान के रास्ते गुजरने वाली ट्रफ अब कमजोर पड़ गई है।

दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और उससे सटे राजस्थान क्षेत्र में 1.5 किमी ऊंचाई पर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण भी अब कमजोर हो गया है।

Published on:
18 Apr 2026 03:14 pm
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