राजधानी जयपुर सहित प्रदेश में अब मौसम के मिजाज में बदलाव आ गया है। हाड़ कंपाने वाली सर्दी का दौर शुरू होने से लोग तेज सर्दी के चलते कांपते हुए नजर आए।
जयपुर। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश में अब मौसम के मिजाज में बदलाव आ गया है। हाड़ कंपाने वाली सर्दी का दौर शुरू होने से लोग तेज सर्दी के चलते कांपते हुए नजर आए। वहीं लोगों ने सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों व आग का सहारा लेना शुरू कर दिया है। राजधानी जयपुर में आज सुबह सर्द रही। घरों से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हवाएं चलने से मौसम का मिजाज सर्द हो गया है। आने वाले दिनों में यह और बढ़ेगा व तेज सर्दी का दौर शुरू होगा। आज सवेरे कोटपूतली जिले में घना कोहरा दिखाई दिया। इस कारण सड़क पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते दिखे।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में सर्दी और कोहरे का असर अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। कई जिलों में तापमान गिरने के साथ-साथ कोहरे का भी दौर शुरू हो गया है। झुंझुनूं, श्रीगंगानगर, सीकर और जैसलमेर जैसे जिलों में आज सुबह कोहरा छाया रहा। फतेहपुर में सीजन का पहला घना कोहरा देखा गया, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है। वहीं अधिकांश हिस्सों में हवा में आर्द्रता की औसत मात्रा 30 से 85 प्रतिशत के बीच रही। इसके चलते दिन और रात के तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
राजधानी जयपुर में भी धीरे-धीरे सर्दी का असर बढ़ने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अब शहरी क्षेत्र में ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में जयपुर शहर के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है और सर्दी बढ़ेगी। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान अभी भी कम नहीं हुआ है। आमतौर पर मध्य नवंबर तक राजस्थान के शहरों का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर जाता है, लेकिन इस सीजन में अब तक केवल 12 शहरों में ही न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से नीचे आया है। इन शहरों में भीलवाड़ा, वनस्थली, सीकर, पिलानी, उदयपुर, चूरू, हनुमानगढ़, जालोर, सिरोही, फतेहपुर, करौली और माउंट आबू शामिल हैं। सबसे कम तापमान माउंट आबू में 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार राजस्थान में दिसंबर के मध्य से जनवरी तक कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ सकता है। इस बार सर्दी पिछले कुछ सालों की तुलना में अधिक रहेगी और सर्दी का यह मौसम कई सालों का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि इन दिनों उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जिसका प्रभाव अब राजस्थान में भी दिखाई दे रहा है।