जयपुर

Rajasthan Wedding Venues: अब औद्योगिक एरिया में भी संचालित हो सकेंगे विवाह स्थल, सरकार ने इन बंदिशों को खत्म की

Wedding Venues Jaipur: जयपुर शहर में विवाह स्थल, बैंक्वेट हॉल अब आवासीय, औद्योगिक और सार्वजनिक-अर्द्ध सार्वजनिक भू-उपयोग वाले क्षेत्रों में भी संचालित होंगे। सरकार ने व्यापक जनहित का हवाला देते हुए कुछ बंदिशों के साथ इसकी अनुमति दी है।

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Jun 19, 2025
विवाह स्थल (पत्रिका फाइल फोटो)

Wedding Venues: जयपुर: शहरों में विवाह स्थल, बैंक्वेट हॉल अब आवासीय, औद्योगिक और सार्वजनिक-अर्द्ध सार्वजनिक भू-उपयोग वाले क्षेत्रों में भी संचालित होंगे। राज्य सरकार ने व्यापक जनहित का हवाला देते हुए कुछ बंदिशों के साथ इसकी अनुमति दे दी है। भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 5000 वर्गमीटर और सड़क की चौड़ाई 60 फीट से 100 फीट होनी जरूरी है।


विकास प्रोत्साहन एवं नियंत्रण उपविधियां (डीपीसीआर) में विवाह स्थल और हॉस्टल के लिए विभिन्न भू-उपयोगों में अनुमति देने के संबंध में प्रावधान किए गए हैं। जयपुर, उदयपुर और पाली व अन्य कुछ शहरों में विकास प्राधिकरण, निकायों को इन प्रावधान को अपने बायलॉज में जोड़ना होगा। जबकि, अन्य बाकी शहरों में स्वत: लागू हो गए हैं।


इस एरिया में संचालन की अनुमति थी


अभी तक केवल कॉमर्शियल भू-उपयोग श्रेणी के एरिया में ही इनके संचालन की अनुमति थी। इसी तरह हॉस्टल निर्माण, संचालन का दायरा क्षेत्र भी बढ़ा दिया है। नगरीय विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।


क्या है अफसरों का तर्क


अभी जो मापदंड थे, उनमें शहर के बाहरी क्षेत्रों में ही विवाह स्थल संचालन की अनुमति थी। अब शहर के बीच चौड़ी सड़कों पर भी यह सुविधा मिल सकेगी। उपविधियों में जो प्रावधान जोड़े गए हैं, उनकी पालना होगी, तभी लोगों को सुविधा मिलेगी।


विवाह स्थल के लिए निर्धारित भू-उपयोग

आवासीय: बड़े शहरों में न्यूनतम सड़क चौड़ाई 100 फीट और छोटे शहर में 80 फीट।

औद्योगिक: सभी शहरों में न्यूनतम सड़क चौड़ाई 80 फीट।

सार्वजनिक-अर्द्ध सार्वजनिक सुविधा: बड़े शहरों में न्यूनतम सड़क चौड़ाई 80 फीट और छोटे शहर में 60 फीट।

परिधि नियंत्रण क्षेत्र: सभी शहरों में न्यूनतम सड़क चौड़ाई 60 फीट।

हाईवे डवलपमेंट कंट्रोल जोन: बड़े शहरों में न्यूनतम सड़क चौड़ाई 80 फीट व छोटे शहर में 60 फीट।

(परिधि नियंत्रण क्षेत्र में भू-खंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 8000 वर्गमीटर किया गया है, जबकि अन्य सभी में पांच हजार वर्गमीटर रहेगा। बाकी मापदंड बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप रहेंगे)

Published on:
19 Jun 2025 08:57 am
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