जयपुर

Vidya Sambal Yojana : क्या राजस्थान में बंद हो जाएगी विद्या संबल योजना? जानें शिक्षकों के लिए क्या है नई व्यवस्था

Vidya Sambal Yojana : राजस्थान में एक बार फिर विद्या संबल योजना पर 30 जून के बाद विराम लगाने की तैयारी की जा रही है। इसकी जगह अब प्रस्तावित नई संविदा व्यवस्था में लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाएगा। पढ़ें यह खबर।
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Rajasthan Will Vidya Sambal Yojana be discontinued know new system for teachers
फोटो - AI

Vidya Sambal Yojana : राजस्थान के राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में शुरू की गई विद्या संबल योजना पर 30 जून के बाद विराम लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके स्थान पर पांच वर्ष के लिए नई अस्थायी संविदा भर्ती का प्रस्ताव रखा है। इस निर्णय से पांच वर्षों से विभिन्न महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे सैकड़ों सहायक आचार्यों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

राजस्थान में वर्ष 2021 के बाद 374 नए महाविद्यालय खोले गए। साथ ही अनेक पुराने महाविद्यालयों में नए संकाय और स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ किए गए। वर्तमान में 373 राजकीय महाविद्यालय सोसायटी पद्धति पर संचालित हो रहे हैं, जहां शिक्षण व्यवस्था मुख्य रूप से विद्या संबल सहायक आचार्यों पर निर्भर है।

इनका चयन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत एपीआइ अंकों की मेरिट के आधार पर किया गया था। जिला स्तर पर विज्ञापन जारी कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई थी।

प्रस्तावित नई संविदा में दिक्कत

अब प्रस्तावित नई संविदा व्यवस्था में लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाएगा तथा निश्चित मासिक मानदेय दिया जाएगा। हालांकि वर्तमान सहायक आचार्यों का कहना है कि बिना समायोजन के उन्हें हटाना न्यायोचित नहीं है।

विधिसम्मत मेरिट के आधार पर हुआ है चयन

हमारा चयन विधिसम्मत मेरिट के आधार पर हुआ है। पांच वर्षों तक नियमित शिक्षण कार्य किया है। अब हमें बाहर करना युवाओं के साथ अन्याय है। सरकार हमें भी सेवा की सुनिश्चितता प्रदान करे।
डॉ. रवीन्द्र सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष विद्या संबल सहायक आचार्य संघ

वेतन में अनियमितता के बावजूद कक्षाएं नहीं रुकीं

जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष महाविद्यालयों को दिए हैं। वेतन में अनियमितता के बावजूद कक्षाएं नहीं रुकीं। नई व्यवस्था में हमें स्थान न देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
सत्यदेव शर्मा, जिला अध्यक्ष

छह बार रोका फिर शुरू किया

वर्ष 2022 से 2025 के बीच इस योजना को छह बार रोका गया और पुनः प्रारंभ किया गया। बार-बार की इस प्रक्रिया से शिक्षकों का भविष्य अस्थिर बना रहा और पढ़ाई भी प्रभावित हुई। सहायक आचार्यों ने वेतन में देरी और अनियमित भुगतान जैसी परिस्थितियों में भी कक्षाओं का नियमित संचालन जारी रखा। कई कॉलेजों में समस्त शैक्षणिक दायित्व इन्हीं के भरोसे है।

Updated on:
17 Feb 2026 10:31 am
Published on:
17 Feb 2026 10:31 am