
जयपुर। अजमेर जिले के किशनगढ़ में आयोजित ऑल इंडिया महिला शूटिंगबॉल प्रतियोगिता में राजस्थान की दोनों टीमों को निराशा हाथ लगी। घरेलू मैदान पर खेल रही राजस्थान ए और राजस्थान बी की टीमें क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सकीं। राजस्थान ए को दिल्ली ने हराकर बाहर कर दिया, जबकि राजस्थान बी को उत्तर प्रदेश के हाथों हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को फाइनल में हराकर गोल्ड कप अपने नाम कर लिया। प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की आठ टीमों ने हिस्सा लिया।
राजस्थान शूटिंगबॉल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. ओपी माचरा के अनुसार, प्रतियोगिता के फाइनल में उत्तर प्रदेश और दिल्ली की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। तीन सेट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने दिल्ली को 12-15, 15-10 और 15-13 से शिकस्त दी। पहला सेट गंवाने के बाद यूपी की टीम ने शानदार वापसी की और लगातार दो सेट जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।
फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तनु चौधरी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोनिका शर्मा ने भी अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबले में दर्शकों को अच्छे खेल की झलक देखने को मिली। हालांकि निर्णायक सेट में उत्तर प्रदेश की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मार ली।
प्रतियोगिता में तीसरे स्थान के लिए हरियाणा और महाराष्ट्र की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें हरियाणा ने महाराष्ट्र को सीधे सेटों में हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस तरह प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पहले, दिल्ली दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा।
ऑल इंडिया महिला शूटिंगबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 2 और 3 नवंबर को अजमेर जिले के किशनगढ़ स्थित पावर हाउस ग्राउंड में किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, विदर्भ, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की दो टीमों सहित कुल आठ टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन सुभाष क्लब और वंडर सीमेंट के सहयोग से किया गया।
समापन समारोह में किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी ने विजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए। खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता का लाइव प्रसारण भारत सहित 10 देशों में किया गया। राजस्थान की दोनों टीमों के क्वार्टर फाइनल में बाहर होने से घरेलू दर्शकों को निराशा जरूर हुई, लेकिन आयोजन के जरिए प्रदेश में महिला शूटिंगबॉल को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिला।