
Rajasthan Politics : यमुना जल समझौते को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इस समझौते को राजस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सीएम भजनलाल शर्मा के स्वागत समारोह में शामिल होने का राजेंद्र राठौड़ ने निमंत्रण दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने सोमवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार सुबह जयपुर पहुंचेंगे, जहां एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत को भी अभिनंदन समारोह में आमंत्रित किया गया है। गहलोत ने पहले कहा था कि जिस दिन राजस्थान को यमुना का पानी मिलेगा, वह स्वयं मुख्यमंत्री निवास जाकर मुख्यमंत्री को माला पहनाएंगे। अब वह समय आ गया है। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी अशोक गहलोत को वादा याद दिलाते हुए एक्स पर लिखा कि इस जनहित के मामले में वे राजनीति से ऊपर उठकर अपनी घोषणा का सम्मान करेंगे।
अशोक गहलोत ने पिछले सप्ताह जोधपुर में मीडिया से बातचीत में यमुना जल समझौते से जुड़े सवाल पर कहा था कि 'मैंने पहले भी कहा था और आज फिर दोहराता हूं कि जिस दिन आप राजस्थान में यमुना का पानी ले आएंगे, मैं खुद मुख्यमंत्री निवास पर आकर आपको माला पहनाऊंगा। मैं अपने इस वादे पर आज भी पूरी तरह कायम हूं, लेकिन बात सिर्फ दिल्ली या चंडीगढ़ जाकर बार-बार बैठकें करने से नहीं बनेगीं, हमारा सीधा सरोकार जमीन पर पानी आने से है, बैठकों से नहीं।'
राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने घोषणा पत्र में यमुना का पानी दूसरे राज्यों को नहीं देने की बात कही थी। गहलोत भी उसी घोषणा पत्र के आधार पर हरियाणा में चुनाव प्रचार कर रहे थे, जो कांग्रेस के दोहरे रवैये को दर्शाता है। राज्य सरकार यमुना जल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार से प्रयास करेगी। वहीं, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सीएम को बधाई दी।
यमुना जल बंटवारे को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच 1994 के समझौते को लागू करने के विवाद को सुलझाने पर आखिरकार 32 साल बाद सहमति बन गई है। सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे लागू करने के मेमोरंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर किए। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद थे। समझौते के बिन्दुओं पर रविवार को दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच चली मैराथन मीटिंग में सहमति बनी।