
जयपुर. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से शिक्षा, पेपर लीक, भर्ती और रोजगार समेत कई मुद्दों पर संवाद किया था लेकिन इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल और उनकी मां को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर कार्यक्रम विवाद का विषय बन गया है। भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई है जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। इसी बीच अब बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला है और उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उन पर शर्म आनी चाहिए।
भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा, "राहुल गांधी ने कल छात्रों से बातचीत के दौरान जिस तरह की शर्मनाक टिप्पणियां कीं, मुझे लगता है कि उनकी पार्टी को उन पर शर्म आनी चाहिए। यही कारण है कि लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। चाहे वह प्रधानमंत्री की नकल हो या उनकी मां के बारे में की गई टिप्पणियां, मुझे लगता है कि इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता।"
राहुल गांधी ने 19 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से सीधे बातचीत की। कार्यक्रम राजीव गांधी सर्किल के पास, क्षेत्रीय पार्क के सामने स्थित IDA मैदान में हुआ। इंदौर का यह आयोजन ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की पांचवां प्रोग्राम था। बता दें कि इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपनी रोजमर्रा की पढ़ाई और करियर से जुड़ी कई परेशानियां राहुल गांधी के सामने रखीं। इनमें शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक, छात्रवृत्ति और हॉस्टल जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए। राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि वे सवाल पूछते रहें और व्यवस्था से जवाब मांगें। यह संवाद करीब एक घंटे चला।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कॉमेडियन पुलकित मणि ने मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने के अंदाज, विदेशी नेताओं से मुलाकात और ‘माय फ्रेंड’ जैसे जुमलों की मिमिक्री की। एक्ट में एक बुजुर्ग महिला और ‘कुर्सी’ वाले प्रसंग का भी व्यंग्यात्मक अंदाज में जिक्र किया गया। इस दौरान स्टेज पर राहुल गांधी हंसते हुए नजर आए। इसके बाद BJP नेताओं ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां का मजाक उड़ाने वाले एक्ट का समर्थन करने का आरोप लगाया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।