जयपुर

रक्षाबंधन पर 100 साल बाद बना महासंयोग, दिन में नहीं रात को बंधेगी राखी, यह रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2023: बुधादित्य योग के साथ राजयोग के संयोग के बीच आज भाई—बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। आज पंचमहा योग के बीच धनिष्ठा नक्षत्र का भी संयोग है।

2 min read
Aug 30, 2023
रक्षाबंधन पर 100 साल बाद बना महासंयोग, दिन में नहीं रात को बंधेगी राखी, यह रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त

जयपुर। बुधादित्य योग के साथ राजयोग के संयोग के बीच आज भाई—बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। आज पंचमहा योग के बीच धनिष्ठा नक्षत्र का भी संयोग है। हालांकि आज दिनभर भद्रा का साया रहने से रात 9 बजकर 02 मिनट बाद ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। जबकि शहर के आराध्य गोविंददेवजी सहित अन्य मंदिरों में दूसरे दिन राखी बंधेंगी। ऐसे में कुछ घरों में दूसरे दिन सुबह भी राखी बांधी जाएगी।

ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा सुबह 10.59 बजे से 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। इसके साथ ही आज सुबह 10.59 बजे से रात 9.02 बजे तक भद्रा रहेगी। ऐसे में दिनभर भ्रदा का साया रहने से रात को ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। रात 9 बजकर 02 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 28 मिनट तक राखी बांधी जा सकेगी। इस बीच राखी बांधने के लिए प्रदोष काल मुहूर्त रात 9.02 बजे से 9.09 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। आवश्यकता हुई तो 31 अगस्त को सुबह 06.09 बजे से सुबह 9.27 बजे तक भी राखी बांध सकते है।

पंच महायोग भी
आज चन्द्रमा और शनि, सूर्य और बुध की युति 100 से अधिक साल बाद हो रही है। सूर्य स्वराशि सिंह में रहेंगे, वहीं शनि स्वराशि कुंभ में विराजमान है। वहीं बृहस्पति अपनी मित्र राशि मेष और बुध भी अपनी मित्र राशि सिंह में विराजमान होने से पंच महायोग का संयोग भी बन गया है।

रक्षाबंधन पर भद्रा का समय
भद्रा शुरू — सुबह 10.59 बजे
भद्रा पूंछ काल - शाम 5.30 - शाम 6.31 बजे
भद्रा मुख - शाम 6.31 बजे से रात 8.11 बजे
भद्रा का अंत - रात 9.02 बजे


राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त
— राखी बांधने के लिए प्रदोष काल मुहूर्त रात 9.02 बजे से 9.09 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।
— रात 9 बजकर 02 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 28 मिनट तक राखी बांधी जा सकेंगी।

Published on:
30 Aug 2023 09:11 am
Also Read
View All