भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर चाकसू कस्बे में ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नीलकंठ महादेव मंदिर में विप्र सेना प्रमुख सुनील तिवारी, चाकसू विधायक रामावतार बैरवा ने पूजा अर्चना और परशुराम जी की आरती के बाद गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा मनोहरा तालाब स्थित गौतम बगीची के लिए रवाना हुई।
- कलश यात्रा में 1000 महिलाएं हुई शामिल
- शोभायात्रा में गूंजे भगवान के जयकारे
जयपुर। भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर चाकसू कस्बे में ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नीलकंठ महादेव मंदिर में विप्र सेना प्रमुख सुनील तिवारी, चाकसू विधायक रामावतार बैरवा ने पूजा अर्चना और परशुराम जी की आरती के बाद गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा मनोहरा तालाब स्थित गौतम बगीची के लिए रवाना हुई। जिसमें महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं तो अन्य लोग हाथों में केसरिया झंडे लिए जयकारे लगाते हुए भजनों की धुन पर नाचते गाते चल रहे थे। जिनका कोटखावदा मोड़, मुख्य बाजार, तहसील चौराहा व हॉस्पिटल रोड पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
कलश यात्रा में विप्र महिलाओं का उत्साह इस कदर रहा की 1000 महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर लगभग 5 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। सभी के लिए पंगत प्रसादी का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में जब 1000 महिलाएं सिर पर कलश धारण किए कस्बे के प्रमुख मार्गों से निकली तो कलश यात्रा का नजारा विप्र मय हो गया। इस दौरान शोभायात्रा में भगवान परशुराम की झांकी, घोड़ी, बेंड बाजा, ध्वज व पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया। रास्ते भर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय व जलपान की व्यवस्था की गई। समाज के युवा हाथों में विप्र पताकाएं लहराते हुए जब भगवान परशुराम के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे तो पूरा कस्बा धर्ममय हो गया। इस दौरान पूरे रूट पर चाकसू एसीपी सुरेंद्र सिंह थाना अधिकारी मनोहर लाल पुलिस कर्मियों के साथ मुस्तैद रहे और ट्रैफिक व्यवस्थाओं में सहयोग किया। शोभा यात्रा में महेश शर्मा, विप्र सेना जिला अध्यक्ष जयपुर ग्रामीण युवा प्रकोष्ठ केदार शर्मा, विधान सभा अध्यक्ष विप्र सेना युवा प्रकोष्ठ चाकसू केबी शर्मा, विप्र सेना चाकसू नगर अध्यक्ष पार्षद दिनेश शर्मा,सुनील तिवाड़ी हरिशंकर शर्मा, नारायण शर्मा, हरिकिशन शर्मा, अंकुर शर्मा राडोली, शुभम शर्मा, विपश्यना विधानसभा अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा सहित हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे मौजूद रहे।