जारी किया ब्लैक बॉक्स, सरकार के चार साल पर पूछे 52 सवाल, दी बहस की चुनौती
जयपुर। नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने भाजपा सरकार पर किसानों और गायों की हत्यारी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार के 4 साल के कार्यकाल को कुराज बताया है। सरकार के चार साल पूरे होने पर डूडी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता कर ब्लैक बॉक्स जारी किया और कहा कि यह कुराज प्रदेश की बड़ी राजनीतिक दुर्घटना है। उन्होंने कहा कि जब हवाई जहाज की दुर्घटना होती है तो 'ब्लैक बॉक्स' में दुर्घटना के कारणों का डाटा रहता है, ठीक इसी तरह इस सरकार के खिलाफ जारी यह 'ब्लैक बॉक्स' इस सरकार की विफलताओं का पुलिंदा है। उन्होंने सरकार से 52 सवाल पूछे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले सुराज संकल्प पत्र जारी कर 611 चुनावी वादे किए थे, जिनमें से अब तक 40 फीसदी भी पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि श्रीराम का मंदिर बनाने का अलाप लगाने वाली पार्टी के राज में जयपुर में भगवान राम के 300 से अधिक मंदिर तोड़ दिए। इंदिरा गांधी नहर में जहाज चलाने की घोषणा कागजी साबित हुई, आज भी यह नहर जीर्णोद्धार के लिए जूझ रही है। पानी के लिए आंदोलन करने वाले सात किसानों को लाठी और गोली से मारा गया। इसके अलावा 60 से अधिक किसानों ने आत्महत्या कर ली।
हिन्दू धर्म में गाय का महत्व है, इसके नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा के शासन में सरकारी लापरवाही से हजारों गायों की मौत हो गई। इसी तरह बदहाल चिकित्सा से एक साल में 70 हजार से अधिक नवजात बच्चे अपनी जान गवां चुके हैं। यह सरकार किसानों, गाय और शिशुओं की हत्यारी है। उन्होंने कहा कि आज सरकार के झूठे वादों के चलते कर्मचारियों से लेकर कई संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान कर्ज माफी को लेकर सरकार चुप है।
हेरिटेज प्रोपर्टी बेचने और द्रव्यवती नदी परियोजना में घोटाला
डूडी ने आरोप लगाया कि खासा कोठी-आनंद भवन जैसी हेरिटेज प्रोपर्टी बेचने, स्मार्ट सिटी और द्रव्यवती नदी परियोजना में घोटालों की बू आ रही है। सरकार को द्रव्यवती नदी परियोजना का रोड मेप बताना चाहिए। जयपुर को खुला शौच मुक्त घोषित कर दिया है, लेकिन विधानसभा के समीप खुले शौच जाने वाले लोग इसकी पोल खोलते दिखते हैं। उन्होंने धौलपुर महल के स्वामित्व को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
मर जाएंगे, काला कानून पास नहीं होने देंगे
डूडी ने कहा कि सरकार काला कानून लेकर आई है। इसका कांग्रेस शुरू से ही विरोध कर रही है। कांग्रेस किसी भी सूरत में इस कानून को लागू नहीं होने देगी। प्रवर समिति में भेजना समाधान नहीं है, इसको सरकार को वापस लेना होगा। कांग्रेस के नेता मर जाएंगे, लेकिन विधानसभा में इस कानून को पास नहीं होने देंगे।