एक अक्टूबर से शुरू होगा राजस्थान में पर्यटक सीजन, तीन महीने बाद में फिर शुरू होगी जंगल सफारी, सरिस्का और रणथम्भौर में होगा बाघों का दीदार
राजस्थान में मंगलवार से पर्यटन सीजन शुरू हो जाएगा। इसी के साथ बरसात में तीन महीने से बंद पड़ी जंगल सफारी भी शुरू हो जाएगी। बाघों की नगरी रणथम्भौर और सरिस्का एक बार फिर से पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। रणथम्भौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व में पर्यटक एक बार फिर से बाघों के दीदार कर सकेंगे।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नए पर्यटन सत्र को लेकर वन विभाग की ओर से तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को सुबह साढ़े छह सुबह की पारी में पार्क भ्रमण पर भेजा जाएगा। पर्यटन सत्र का आगाज रणथम्भौर बाघ परियोजना के सीसीएफ अनूप के आर गणेश धाम पर पर्यटन वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर करेंगे।
वन अधिकारियों ने बताया कि रणथम्भौर की पहले सप्ताह की ऑनलाइन एडवांस बुकिंग करीब फुल है। नए पर्यटन सत्र के पहले दिन नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथोरियटी (एनटीसीए) की ओर से निर्धारित की गई वाहनों की अधिकतम सीमा यानि प्रति पारी 140 वाहनों से पर्यटकों को पार्क भ्रमण पर भेजा जाएगा। इसी प्रकार शाम की पारी की स्थिति भी रहेगी।
सरिस्का टाइगर रिजर्व में पहले दिन एक हजार से ज्यादा पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। रिजर्व की ऑनलाइन टिकट बुकिंग फुल हैं। पहले दिन रोस्टर के हिसाब से सरिस्का में 35 जिप्सियां पर्यटकों को भ्रमण कराने के लिए लगाई गई हैं। भ्रमण के लिए पर्यटक सुबह 6.30 बजे से 10 बजे तक व दोपहर 2.30 बजे से 6 बजे तक की शिफ्ट रहेगी।
वन विभाग की ओर से नए सीजन में पार्क भ्रमण के दौरान अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए अब स्कैन की सुविधा को भी लागू किया जा रहा हे। वन अधिकारियों ने बताया कि नए सीजन में विभाग की ओर से पार्क के हर एंट्री प्वाइंट पर वन कर्मियों को तैनात किया जाएगा। पर्यटकों को जारी किए जाने वाले टिकट और बोर्डिंग पास पर विभाग की ओर से एक क्यू आर कोड जारी किया जाता है अब वनकर्मियों की ओर से एंट्री प्वाइंट पर मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन करके पर्यटकों की जांच की जाएगी। यह रणथम्भौर में पहली बार लागू होगा।