
अरविंद पालावत
जयपुर। जलदाय मंत्री महेश जोशी के पुत्र रोहित जोशी ने तय समय से एक दिन पहले ही अपना मोबाइल दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया है। इस मोबाइल में वो सभी चैट्स हैं जो रोहित और युवती के बीच हुई है। ये चैट्स व्हाट्स एप्प के साथ ही इंस्टाग्राम पर भी हुई है। बता दें इन्हीं चैट को आधार बनाते हुए रोहित की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की थी। हालांकि उसमें कोई राहत नहीं मिली। लेकिन, इन्हीं आधार पर अग्रिम जमानत का लाभ रोहित को मिला है। सूत्रों की मानें तो पुलिस मोबाइल में यह तफ्तीश करेगी कि कहीं चैट्स से कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई है। साथ ही मोबाइल को जांच के लिए एफएसएल को भी भेजा जा सकता है। रोहित जोशी को अब सोमवार को फिर थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
बता दें शनिवार सुबह रोहित अपने वकीलों के साथ सदर बाजार थाने पर पहुंच गया था। जहां पर 12 बजे से पूछताछ शुरू हुई और वह शाम साढ़े चार बजे तक चली। पूछताछ के बाद पुलिस उसे मेडिकल के लिए लेकर गई। जहां रोहित का मेडिकल कराया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रोहित ने कहा कि उसने कुछ गलत नहीं किया है। रोहित के साथ राजस्थान हाईकोर्ट के एडवोकेट दीपक चौहान और उनकी टीम मौजूद रहीं।
सवालों से कई बार हुआ असहज
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने रोहित से पीड़िता के बयानों के आधार पर सवाल किए। इन सवालों से कई बार रोहित असहज भी महसूस होता दिखा। पुलिस ने पीड़िता और उसकी मुलाकातों के साथ ही अन्य तथ्यों को लेकर कई सवाल दागे। माना जा रहा है कि अभी कई दफा रोहित को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया जाएगा। इससे पहले शुक्रवार को भी रोहित जोशी से साढ़े छह घंटे पूछताछ हुई थी।
दिल्ली में रहना होगा, पुलिस कर सकती है निगरानी
तीस हजारी कोर्ट के आदेश के अनुसार रोहित जोशी दिल्ली छोड़कर बाहर नहीं जा सकेगा। यदि दिल्ली से बाहर जाना होगा तो उसे अदालत की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति दिल्ली से बाहर जाने पर रोहित की मुश्किलें बढ़ सकती है। वहीं, यह भी माना जा रहा है कि हाई प्रोफाइल केस को देखते हुए पुलिस रोहित की निगरानी रख सकती है। जिसमें यह ध्यान रखा जाएगा कि वह दिल्ली से बाहर तो नहीं जा रहा है।