जयपुर

RAS Pinki Meena : साढ़े 5 साल का निलंबन काल खत्म, भजनलाल सरकार ने दी नई पोस्टिंग, जानें अब क्या मिला ज़िम्मा?

राजस्थान की चर्चित आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा का निलंबन खत्म। भजनलाल सरकार ने 178 RAS अफसरों की तबादला सूची में सवाई माधोपुर में दी नई पोस्टिंग। जानिए पूरा मामला।

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Jun 20, 2026
RAS Pinki Meena New Posting Sawai Madhopur Reshuffle Controversy 2026
RAS Pinki Meena - File PIC

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा में फेरबदल करते हुए 178 आरएएस (RAS) अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन की सूची जारी की है। इस जंबो सूची में कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, लेकिन इस पूरी लिस्ट में जिस एक नाम ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, वो है वर्ष 2017 बैच की आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा का। पिंकी मीणा का नाम आते ही वर्ष 2021 का वो चर्चित भ्रष्टाचार मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिसने राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी को हिलाकर रख दिया था। लगभग साढ़े पांच साल तक सस्पेंड रहने और कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार पिंकी मीणा को वापस सरकारी तंत्र की मुख्यधारा में काम करने का अवसर मिला है।

सवाई माधोपुर में मिली सहायक निदेशक की नई जिम्मेदारी

RAS Pinki Meena New Posting

हाई कोर्ट से निलंबन पर स्टे मिलने के बाद पिंकी मीणा ने कार्मिक विभाग जयपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जिसके बाद वे तकनीकी रूप से 'Awaiting Posting Orders' (APO) के दौर से गुजर रही थीं। अब कार्मिक विभाग द्वारा जारी की गई 178 आरएएस अधिकारियों की बड़ी प्रशासनिक फेरबदल सूची में पिंकी मीणा का नाम शामिल किया गया।

सरकार के नए आदेश के अनुसार, पिंकी मीणा को अब सवाई माधोपुर जिले में सहायक निदेशक (लोक सेवा), प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के पद पर नई प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आदेश के साथ ही उनका साढ़े पांच साल लंबा निलंबन काल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है और वे मुख्यधारा के प्रशासनिक कार्यों में लौट आई हैं।

हालांकि, कार्मिक विभाग और कानूनी विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि नई पोस्टिंग मिलने के बावजूद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अदालत में चल रहा मुख्य मुकदमा जारी रहेगा और उस पर इस बहाली का कोई विधिक असर नहीं पड़ेगा।

यहां देखें : 178 आरएएस अफसरों की पूरी तबादला सूची

कौन हैं आरएएस पिंकी मीणा?

RAS Pinky Meena (Pile Pic)

पिंकी मीणा मूल रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर जिले के चौमूं उपखंड के पास स्थित चितवाड़ी गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म 24 जुलाई 1992 को हुआ था और उन्होंने बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था। वर्ष 2017 की राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में सफलता हासिल कर वह एक प्रशासनिक अधिकारी बनीं।

अपनी सरकारी नौकरी की शुरुआत में पिंकी मीणा ने टोंक जिले में अंडर-ट्रेनी असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में काम सीखा। इसके बाद उनके करियर की पहली बड़ी और मुख्य जिम्मेदारी दौसा जिले के बांदीकुई उपखंड में उपखंड अधिकारी (SDM) के रूप में मिली। बांदीकुई में एसडीएम पद पर रहते हुए ही उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उनके पूरे करियर की दिशा बदल दी।

10 लाख रुपये का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे घूसकांड

वर्ष 2021 में जब पिंकी मीणा बांदीकुई में एसडीएम के पद पर तैनात थीं, तब उनके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत भारतमाला परियोजना के तहत देश के सबसे बड़े 'दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे' का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा था। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा था और उन्हें मुआवजे का वितरण होना था।

इसी सड़क निर्माण और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान निर्माण कंपनी के ठेकेदारों और अधिकारियों को परेशान करने, काम को सुचारू रूप से चलने देने और फाइलों को आगे बढ़ाने की एवज में तत्कालीन एसडीएम पिंकी मीणा पर 10 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे। निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों ने इसकी गोपनीय शिकायत राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी।

शिकायत का पूरी तरह सत्यापन करने के बाद 13 जनवरी 2021 को एसीबी की विशेष टीम ने बांदीकुई में एक बड़ा जाल बिछाया। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन महिला एसडीएम पिंकी मीणा को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने एक आदेश जारी कर पिंकी मीणा को सेवा से तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था।

जेल से जमानत और 'जज' से शादी

पिंकी मीणा की यह कहानी सिर्फ घूसकांड और गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसके बाद उनकी निजी जिंदगी में आए घटनाक्रमों ने भी मीडिया और सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। गिरफ्तारी के वक्त पिंकी मीणा की शादी पहले से तय हो चुकी थी और विवाह की तारीख बेहद नजदीक थी।

जेल जाने के बाद शादी की रस्में पूरी करने के लिए पिंकी मीणा के वकीलों ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मानवीय आधार पर जमानत की गुहार लगाई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें विवाह के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर की।

16 फरवरी 2021 को जेल से बाहर आने के बाद पिंकी मीणा ने राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) के एक कार्यरत न्यायिक मजिस्ट्रेट (जज) नरेंद्र मीणा के साथ पूरे रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। एक प्रशासनिक अधिकारी और एक न्यायिक अधिकारी की इस शादी की तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हुई थीं।

कानून के कड़े प्रावधानों के तहत शादी की रस्में और रिसेप्शन की अवधि समाप्त होते ही पिंकी मीणा ने पूरी ईमानदारी से अदालत के आदेशों की पालना की और अपनी जमानत की अवधि पूरी होने पर वापस जेल लौट गईं। इसके बाद मार्च 2021 में उन्हें अदालत से नियमित जमानत मिल सकी।

साढ़े 5 साल बाद निलंबन से राहत

जनवरी 2021 में निलंबन की कार्रवाई होने के बाद से पिंकी मीणा लगातार साढ़े पांच साल से अधिक समय तक बिना किसी पदस्थापन के सस्पेंड चल रही थीं। इतने लंबे समय तक सस्पेंड रहने के खिलाफ उन्होंने अंततः राजस्थान हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

मई 2026 में इस मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान हाई कोर्ट के माननीय जस्टिस सुदेश बंसल की एकल पीठ ने पिंकी मीणा के निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले से जुड़ी मुख्य जांच और चार्जशीट की प्रक्रिया काफी पहले पूरी हो चुकी है। ऐसे में किसी भी लोक सेवक को बिना किसी ठोस वजह या विभागीय प्रगति के इतने लंबे समय (साढ़े पांच साल) तक लगातार निलंबित रखना किसी समयपूर्व सजा देने जैसा प्रतीत होता है। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद सरकार के पास उन्हें सेवा में वापस लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

File Video:

Published on:
20 Jun 2026 12:16 pm