
Governor Haribhau Bagde and RPSC - File PIC
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने एक आदेश जारी करते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के खाली पड़े पदों को भरने के लिए दो नए सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की है। इस नए आदेश के तहत वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को आयोग के सदस्य पद पर नियुक्त किया गया है। राजभवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन दोनों नवनियुक्त सदस्यों को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पदभार ग्रहण करने की तारीख से लेकर आगामी 6 वर्ष की अवधि के लिए अथवा 62 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा पूरी होने तक (जो भी पहले हो) की अनिवार्य शर्त पर प्रदान की गई है। इस नियुक्ति के बाद आरपीएससी मुख्यालय अजमेर में प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
आरपीएससी के नव-मनोनीत सदस्य प्रो. (डॉ.) संतोष आनंद राजस्थान के उच्च शिक्षा विभाग (सरकारी कॉलेज शिक्षा) का एक जाना-पहचाना और सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन मरुधरा के युवाओं को शिक्षित करने और कॉलेज शिक्षा के स्तर को सुधारने में समर्पित किया है।
वर्तमान प्रशासनिक पद: प्रो. संतोष आनंद वर्तमान समय में भीलवाड़ा जिले के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक माणिक्य लाल वर्मा (MLV) राजकीय महाविद्यालय में प्राचार्य के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
संगठनात्मक व वैचारिक पृष्ठभूमि: शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक सुधारों के साथ-साथ डॉ. आनंद सामाजिक और वैचारिक गतिविधियों में भी काफी अग्रणी रहे हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रेरित और देश के सबसे बड़े शिक्षा संगठनों में से एक 'विद्या भारती' के चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी कुशलतापूर्वक संभाल चुके हैं। उनके इसी गहरे अनुभव का लाभ अब आरपीएससी को मिलेगा।
आयोग के दूसरे नवनियुक्त सदस्य डॉ. दीपक कुमार शर्मा के पास कॉलेज शिक्षा विभाग में अध्यापन के साथ-साथ राज्य स्तर के बड़े प्रशासनिक कार्यालयों को संभालने का एक बहुत ही लंबा और बेदाग रिकॉर्ड रहा है। वह मूल रूप से प्राणीशास्त्र (Zoology) के वरिष्ठ प्रोफेसर रहे हैं।
डॉ. शर्मा ने कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय, जयपुर में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। वहां उन्होंने सहायक निदेशक, सहायक निदेशक (निजी संस्थान) और राज्य समन्वयक (युवा कौशल विकास सेल) जैसे चुनौतीपूर्ण और नीति-निर्धारक पदों पर कार्य करते हुए राज्य की उच्च शिक्षा नीतियों को लागू करने में बड़ी भूमिका निभाई।
डॉ. दीपक कुमार शर्मा की शैक्षणिक साख भी बेहद मजबूत है। उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण शोध परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। उनके कई शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जनरल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (RBSE) के स्कूली पाठ्यक्रम की 4 महत्वपूर्ण पुस्तकों के लेखन पैनल में भी उन्होंने बतौर लेखक अपना सक्रिय योगदान दिया है।
संगठनात्मक स्तर पर वे राजस्थान के प्राध्यापकों और शिक्षकों के सबसे बड़े संगठनों में गिने जाने वाले 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ' (उच्च शिक्षा) के प्रदेश संगठन मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी अपनी मजबूत नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा चुके हैं।
यह दोनों महत्वपूर्ण नियुक्तियां राजस्थान लोक सेवा आयोग में एक बहुत बड़े परिवर्तन के दौर में की गई हैं। दरअसल, आरपीएससी के निवर्तमान अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू का कार्यकाल समाप्त होने पर वे 19 जून 2026 को अपने पद से पूरी तरह सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद आयोग के अध्यक्ष का मुख्य पद रिक्त हो गया था।
आयोग के पास आगामी महीनों में कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन और उनके परिणाम जारी करने की बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए प्रशासनिक निरंतरता को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की सिफारिश पर एक और बड़ा फैसला लिया गया। आयोग के वर्तमान समय के सबसे वरिष्ठ सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) केसरी सिंह राठौड़ को RPSC का नया कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अब लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह राठौड़ के नेतृत्व में ही यह दोनों नए सदस्य आरपीएससी की कमान संभालेंगे।
राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करने के साथ ही डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने मीडिया और प्रदेश के युवाओं के सामने अपनी प्राथमिकताओं को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद दिए गए अपने पहले आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि आयोग की गरिमा और उसकी विश्वसनीयता को जनता व परीक्षार्थियों के बीच सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना उनका सबसे पहला कर्तव्य होगा।
डॉ. शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ समय से राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह से लीक-प्रूफ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए जो सुधारात्मक प्रक्रियाएं शुरू की गई हैं, उन्हें वे और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे। उनका प्रयास रहेगा कि समय पर कैलेंडर के अनुसार परीक्षाएं आयोजित हों और बिना किसी विधिक अड़चन के पारदर्शी तरीके से परिणाम जारी कर राजस्थान के प्रतिभावान युवाओं को नौकरियां दी जा सकें।
Published on:
20 Jun 2026 09:24 am
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