
भाई के साथ मृतक की फोटो: पत्रिका
Rajasthan Road Accident: कांवड़ यात्रा के दौरान अजमेर के गेगल थाने के सामने हुए सड़क हादसे ने एक गरीब परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। जिस बेटे ने पढ़ाई छोड़कर मां का सहारा बनकर छोटे भाई की पढ़ाई का जिम्मा अपने कंधों पर उठा लिया था वही बुधवार सुबह ट्रेलर की चपेट में आकर हमेशा के लिए बिछड़ गया। महज 14 साल की उम्र में परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे शुभम की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। किशोर वय शुभम राव की मौत के साथ ही उसकी मां की लाठी टूटने के साथ ही उम्मीदें और सपने सड़क पर बिखर गए।
पड़ताल में आया कि शुभम (14) के पिता शैतानसिंह नशे की लत के कारण लंबे समय से परिवार से दूर रह रहे हैं। मां आरती बाई अपने 3 बच्चों के साथ मायके में रहकर जीवनयापन कर रही थी। ननिहाल ने सिर पर छत दी तो दो वक्त की रोटी जुटाने का जिम्मा शुभम ने अपने कंधों पर उठा लिया। कम उम्र में ही उसने पढ़ाई छोड़ दी और मां के साथ फल-सब्जी की रेहड़ी लगाने लगा। बड़ी बहन मुस्कान (19) और छोटे भाई प्रदीप (13) की जरूरतों का भी वही सहारा था।
शुभम का सपना नौवीं कक्षा में पढ़ रहे छोटे भाई प्रदीप को उच्च शिक्षित करने का था। आर्थिक तंगी के बावजूद वह नहीं चाहता था कि उसके भाई की पढ़ाई छूटे।
मृतक के मामा शशिकांत राव ने बताया कि मंगलवार को शुभम, प्रदीप और ममेरा भाई देवराज कांवड़ लेने पुष्कर गए थे। परिवार के लिए यह धार्मिक यात्रा थी जो शुभम की अंतिम यात्रा बन गई। बुधवार सुबह हादसे की सूचना मिलने पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुष्कर से कांवड़ लेकर लौटते समय शुभम और प्रदीप ने बारिश शुरू होने से पहले और बाद में सड़क पर चलते हुए रील बनाई थी। भाइयों ने खुशी के उन पलों को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। बारिश के दौरान तीनों कुछ देर रुके लेकिन मौसम साफ होने पर फिर यात्रा शुरू कर दी। कुछ ही मिनट बाद ट्रेलर ने शुभम को कुचल दिया। सोशल मीडिया पर डाली गई रील अब परिवार के लिए उसकी आखिरी निशानी बन गई।
Updated on:
06 Aug 2026 10:01 am
Published on:
06 Aug 2026 10:00 am
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