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राजस्थान में डिप्टी CM के नाम से कॉल करके ट्रांसफर लेने वाले नर्सिंग ऑफिसर पर चिकित्सा विभाग का एक्शन, किया सस्पेंड

राजस्थान में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम का कथित दुरुपयोग कर तबादला करवाने का दबाव बनाने वाले जेएलएन अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक को चिकित्सा विभाग ने निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जैसलमेर रखा है।
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Ajmer Fake Transfer Call

डिप्टी CM और नर्सिंग ऑफिसर का फोटो: पत्रिका

Nursing Officer Pushpendra Pareek Suspend: राजस्थान में डिप्टी CM प्रेमचन्द बैरवा के नाम का दुरुपयोग कर विभागीय अधिकारियों पर स्वयं के तबादले का दबाव बनाने वाले जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र पारीक को चिकित्सा विभाग ने सस्पेंड कर दिया। पारीक का मुख्यालय जैसलमेर रखा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशक राकेश कुमार शर्मा की ओर से जारी आदेश में बताया कि पारीक ने संवैधानिक पदनाम का दुरुपयोग करते हुए पद की गरिमा को धूमिल करने का कृत्य किया है।

उक्त कृत्य के बाद कार्मिक 20 जून को जेएनएन अस्पताल में स्थानान्तरण पर कार्यग्रहण करने के उपरान्त 21 जून से बिना पूर्व स्वीकृति व सूचना अनुपस्थित हो गए। इस मामले में सदर कोतवाली थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। कार्मिक की अनुपस्थिति के बाद 18 जुलाई को कार्यग्रहण करते समय भी विभाग को उनके द्वारा किए गए कृत्य एवं उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर के संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई।

पत्रिका ने उजागर किया था प्रकरण

पत्रिका में 25 जून के अंक में ‘डिप्टी सीएम बनकर अफसरों को हड़काया, फर्जी कॉल कर करवा लिया तबादला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद उप मुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा के ओएसडी भगवत सिंह राठौड़ द्वारा 25 जून को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव व कोतवाली थाना पुलिस को शिकायत भेजी थी। कोतवाली थाना पुलिस ने आईटी एक्ट. बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर किया।

शिकायत में बताया कि नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र पारीक ने मोबाइल फोन की कॉलर आईडी इस तरह सेट की थी कि उसके कॉल करने पर ट्रू-कॉलर पर उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा का नाम प्रदर्शित होता था।

शिकायत के अनुसार आरोपी ने स्वयं को उप मुख्यमंत्री बताकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय के विशिष्ट सहायक बलवंत लिगरी को फोन कर स्वयं का जेएलएन अस्पताल में स्थानान्तरण कराने के निर्देश दिए। उसने जेएलएन अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे को भी फोन कर स्वयं को उप मुख्यमंत्री बताते हुए मनचाहा कार्य आवंटित करने का दबाव बनाया था। गतदिनों कोतवाली थाना पुलिस ने जांच मे आरोपी नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र पारीक को दोषी पाया था। उसके खिलाफ कोर्ट में पत्रावली भेजकर अभियोजन स्वीकृति मांगी थी।