Wheat Distribution: परिवहन व्यवस्था फेल, समय सीमा नजदीक—खाद्य सुरक्षा योजना पर मंडराया खतरा। गोदाम भरे, थालियां खाली! उठाव में देरी से प्रशासन पर बढ़ा दबाव।
Food Security Scheme: जयपुर. गेहूं उठाव में देरी से बढ़ा संकट, 3 हजार मीट्रिक टन लैप्स का खतरा जयपुर में राशन परिवहन व्यवस्था चरमराने से खाद्य सुरक्षा योजना के हजारों लाभार्थियों पर संकट मंडराने लगा है। मिली जानकारी के अनुसार जनवरी माह का करीब 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं अभी तक उठाव के इंतजार में है।
इसकी समय सीमा 15 फरवरी तय है, जिसके बाद यह स्टॉक लैप्स हो सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक दिन में इतनी बड़ी मात्रा का वितरण कर पाना संभव नहीं है। ट्रांसपोर्ट की कमी, गोदामों में श्रमिकों का अभाव और समन्वय की कमी के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है।
यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो हजारों जरूरतमंद परिवारों को राशन से वंचित होना पड़ सकता है। प्रशासन ने परिवहन एजेंसियों को तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी तक हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।
सूचना के अधिकार की अनदेखी करना एक अधिकारी को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयोग ने चूरू जिले की सांडवा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी पर दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आयोग ने आदेश की अवहेलना को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए। परिवादी टी. पिलानिया ने सूचना नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने अक्टूबर 2025 में 15 दिन के भीतर संपूर्ण सूचना निःशुल्क उपलब्ध कराने का आदेश दिया था, लेकिन अधिकारी ने पालन नहीं किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करती है और इससे पारदर्शिता प्रभावित होती है। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है। फैसले को अन्य अधिकारियों के लिए भी चेतावनी माना जा रहा है।