
राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व 5 बार के पूर्व विधायक अमीन खान की एक अस्पताल से सामने आई ताजा तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। वायरल हो रही इन तस्वीरों में युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल में अमीन खान के पास खड़े होकर उनकी देखभाल करते और डॉक्टरों से उनकी हेल्थ रिपोर्ट पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य थार के रेगिस्तान की उस पारंपरिक राजनीतिक मर्यादा और सामाजिक भाईचारे को दर्शाता है, जहां चुनावी जंग मैदान तक सीमित रहती है और व्यक्तिगत रिश्तों में केवल 'अपनायत' यानी अपनत्व झलगता है।
अहमदाबाद के अस्पताल से वायरल हो रही इन तस्वीरों का मुख्य कारण अमीन खान का रुटीन हेल्थ चेकअप और इलाज है। शिव सीट से 5 बार विधायक रह चुके वरिष्ठ नेता अमीन खान पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज और मेडिकल जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
अमीन खान के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए वर्तमान निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी खुद उनके साथ अहमदाबाद (गुजरात) के अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने अमीन खान के साथ रहकर डॉक्टरों से उनकी जांच, दवाओं और हेल्थ अपडेट पर सीधी बातचीत की।
इन दोनों नेताओं के बीच का यह रिश्ता सोशल मीडिया पर इसलिए भी काफी सराहा जा रहा है, क्योंकि राजनीतिक धरातल पर दोनों के बीच बेहद कड़ा मुकाबला रहा है।
साल 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में शिव सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प था। रविंद्र सिंह भाटी ने कांग्रेस के तत्कालीन विधायक अमीन खान के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इस कड़े मुकाबले में युवा चेहरा भाटी ने 5 बार के विधायक अमीन खान को चुनावी शिकस्त दी थी।
चुनाव जीतने के बाद भी रविंद्र सिंह भाटी ने अमीन खान के प्रति हमेशा वरिष्ठता का सम्मान बनाए रखा और लगातार सार्वजनिक मंचों से उनके मार्गदर्शन की बात करते रहे।
राजनीतिक रूप से अलग-अलग राहों पर होने के बावजूद दोनों नेताओं का व्यक्तिगत रिश्ता हमेशा सौहार्दपूर्ण रहा है। चुनाव हारने के बाद भी अमीन खान ने कभी रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ कड़वाहट नहीं रखी। उन्होंने कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाटी को अपने बेटे जैसा बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भी अमीन खान के रविंद्र भाटी के प्रति अंदरूनी समर्थन की खबरें सामने आई थीं, जिसके चलते कांग्रेस पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए निलंबित भी कर दिया था, हालांकि बाद में उनकी पार्टी में वापसी हो गई थी।
इससे पहले भी रविंद्र सिंह भाटी ने अमीन खान से मुलाकात कर उनके पैर छूते हुए तस्वीरें शेयर की थीं और उन्हें थार की वह शख्सियत बताया था जिसने हमेशा सामाजिक ताने-बाने और आपसी भाईचारे को कायम रखा।
पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर और मारवाड़ क्षेत्र में इस घटना को केवल एक राजनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि वहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा माना जा रहा है। देश-प्रदेश के लोग इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि राजनीति में स्वस्थ लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों की झलक ऐसी ही होती है।
बीमार बुजुर्ग नेता के लिए चुनावी प्रतिद्वंद्विता भूलकर अस्पताल में साथ खड़े होना यह संदेश देता है कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन संकट के समय एक-दूसरे का साथ निभाना ही थार की असली पहचान है।