
Jjaipur Urban Local Body Election 2026 - AI PIC
जयपुर जिले के स्थानीय निकाय चुनावों में आज का दिन निर्णायक और हलचल भरा साबित हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक आज जयपुर जिले के कुल 18 नगरीय निकायों में सभापति और पालिका अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इनमें 2 नगर परिषद (चौमूं व शाहपुरा) और 16 प्रमुख नगर पालिकाएं (बगरू, बस्सी, चाकसू, दुदू, जामवारामगढ़, जोबनेर, कालाडेरा, कोटपुतली, फुलेरा, सांभर, लिंक रोड, किशनगढ़ रेनवाल, शाहपुरा ग्रामीण, विराटनगर आदि) शामिल हैं। सुबह 10 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया दोपहर 2 बजे तक चलेगी, जिसके तुरंत बाद निकाय मुख्यालयों में ही वोटों की गिनती कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव को राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले ग्रामीण और शहरी धरातल पर राजनीतिक दबदबे की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय राजनीति के लिहाज से यह चुनाव इसलिए भी रोमांचक मोड़ पर आ पहुंचा है क्योंकि 14 सितंबर को जारी हुए पार्षद पद के चुनावी नतीजों में किसी जगह बीजेपी को तो किसी जगह कांग्रेस को बढ़त मिली थी, जबकि दर्जनों वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार मजबूत बनकर उभरे हैं। इस सियासी बाजी को जीतने के लिए रविवार देर रात तक दोनों ही प्रमुख दलों ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की पूरी ताकत झोंक दी। बाड़ाबंदी, रिजॉर्ट पॉलिटिक्स और क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच आज सुबह पार्षदों को पुलिस सुरक्षा के कड़े पहरे में सीधे मतदान केंद्रों तक पहुंचाया गया है।
मेयर और अध्यक्ष चुनाव में अपनी-अपनी पार्टियां बनाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले दो-तीन दिनों से पार्षदों को खरीद-फरोख्त और विपक्षी सेंधमारी से बचाने के लिए जयपुर शहर से दूर पुष्कर और जयपुर के आसपास बने लग्जरी होटलों और रिजॉर्ट्स में रखा गया था।
पुष्कर में बीजेपी की बाड़ाबंदी: बीजेपी ने अपने समर्थक पार्षदों को अजमेर रोड और पुष्कर स्थित रिजॉर्ट में ठहराया हुआ था, जहां वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में सभी पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
कांग्रेस का रणनीति शिविर: कांग्रेस ने भी अपने जीत कर आए पार्षदों को सुरक्षा घेरे में जयपुर के बाहरी इलाकों के होटलों में ठहराया था, ताकि कोई भी विरोधी खेमा संपर्क न साध सके।
सीधे निकाय मुख्यालय पहुंचीं बसें: 21 सितंबर की सुबह 9 बजे के आसपास लग्जरी बसों के जरिए पार्षदों को सीधे मतदान केंद्रों (संबंधित नगर परिषद व पालिका भवनों) पर उतारा गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बाहर का कोई भी अनधिकृत व्यक्ति वोटिंग परिसर के आसपास न आ सके।
कई नागरिकों के मन में यह सवाल है कि जयपुर नगर निगम में आज 21 सितंबर को महापौर (मेयर) पद के लिए चुनाव क्यों नहीं हो रहा है। दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक ईवीएम (EVM) में तकनीकी खराबी आने के कारण कुछ वार्डों के परिणाम अटक गए थे और री-पोल करवाना पड़ा था।
टेक्निकल स्नेग और री-पोल: जयपुर नगर निगम (साथ ही जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत पालिका) में ईवीएम की गड़बड़ी के चलते कुछ पोलिंग बूथों पर दोबारा वोटिंग और वोटों की गिनती प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
स्थगित हुई थी प्रक्रिया: परिणाम में देरी होने की वजह से निर्वाचन आयोग ने जयपुर नगर निगम में मेयर चुनाव को तात्कालिक रूप से टाल दिया था।
25 सितंबर को होगा मेयर का फैसला: अब जयपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए 25 सितंबर 2026 को मतदान और मतगणना करवाई जाएगी। इसके लिए 19 सितंबर को ही नामांकन प्रक्रिया संपन्न की जा चुकी है, जहां बीजेपी से सुनील कोठारी और कांग्रेस से सुनीता मावर मुख्य दावेदार के रूप में आमने-सामने हैं।
जयपुर जिले के 18 निकायों में राजनीतिक गणित हर जगह अलग और पेचीदा है। 14 सितंबर के पार्षद नतीजों के बाद की जमीनी स्थिति कुछ इस प्रकार है:
चौमूं में बीजेपी ने 45 में से 30 वार्ड जीतकर अपने दम पर स्पष्ट बहुमत का 23 का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया है। यहां बीजेपी का बोर्ड बनना और सभापति पद पर पार्टी प्रत्याशी का बैठना लगभग तय है। कांग्रेस यहां काफी पीछे रह गई है।
शाहपुरा में मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला बना हुआ है। 55 वार्डों वाली शाहपुरा नगर परिषद में बहुमत के लिए 28 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
कांग्रेस के पास 23 पार्षद हैं।
बीजेपी के पास 20 पार्षद हैं।
12 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं।
यहां 12 निर्दलीय पार्षद पूरी तरह से 'किंगमेकर' की भूमिका निभा रहे हैं। जो भी दल 5 से 6 निर्दलीयों को अपने साथ लाने में कामयाब होगा, उसी का सभापति बनेगा। इसी वजह से यहां क्रॉस वोटिंग और खींचतान का खेल दोपहर 2 बजे तक चरम पर रहने वाला है।
बस्सी, चाकसू, जामवारामगढ़ और कालाडेरा जैसी अधिकतर नगर पालिकाओं में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है या बहुमत के बहुत करीब है। वहीं दुदू और सांभर जैसी पालिकाओं में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। जहां-जहां स्पष्ट बहुमत नहीं है, वहां निर्दलीय पार्षदों की मांग काफी बढ़ गई है।
आज 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती होगी और शाम तक सभी 18 निकायों के नए सभापति और अध्यक्षों के नामों का आधिकारिक ऐलान हो जाएगा।
इसके ठीक अगले दिन यानी मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को इन सभी निकायों में उप-महापौर, उप-सभापति और नगर पालिका उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाई जाएगी। इसके बाद ही निकायों के नए बोर्ड का गठन पूर्ण रूप से माना जाएगा।
Updated on:
21 Sept 2026 11:39 am
Published on:
21 Sept 2026 11:16 am
