
आपस में उलझते कुलदीप धनकड़ और इन्द्रराज गुर्जर
जयपुर ग्रामीण जिले के विराटनगर विधानसभा क्षेत्र के पावटा नगर पालिका चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब वर्तमान बीजेपी विधायक कुलदीप धनकड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्राज सिंह गुर्जर आमने-सामने आ गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की मौजूदगी के बावजूद दोनों कद्दावर नेताओं के बीच ज़बरदस्त बहस को मिली। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पावटा कस्बे में दोनों पक्षों के कार्यकर्ता सुबह से ही बड़ी संख्या में जमा थे। माहौल तब बिगड़ा जब बीजेपी और कांग्रेस के शीर्ष नेता अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में मौके पर पहुंचे और वोटिंग प्रक्रिया को लेकर दोनों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई।
पावटा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान बीजेपी विधायक कुलदीप धनकड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर के बीच तीखी बहस का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
कुलदीप धनकड़ (बीजेपी MLA): "आप अब एक्स (पूर्व) हो चुके हैं, यहाँ का मौजूदा विधायक मैं हूँ।"
इंद्राज गुर्जर (कांग्रेस पूर्व विधायक): "मैं भी विधायक रह चुका हूँ और आप भी बहुत जल्दी एक्स हो जाओगे।"
धनकड़ का पलटवार: "आपसे जो बने वो कर लेना, यहाँ नियम के मुताबिक ही काम होगा।"
दोनों नेताओं के बीच तल्खी इतनी बढ़ गई थी कि वे एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। अगर मौके पर तैनात निजी सुरक्षाकर्मी और स्थानीय पुलिस बल तुरंत बीच-बचाव नहीं करते, तो दोनों पक्षों के बीच सीधी हाथापाई तक की नौबत आ सकती थी।
नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू होते ही बाहर मौजूद बीजेपी और कांग्रेस के समर्थकों में भी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और नारेबाजी तेज हो गई।
स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत दोनों नेताओं को अलग किया और समर्थकों को पीछे धकेला। पुलिस के कड़े रुख के बाद ही मतदान केंद्र के मुख्य द्वार पर शांति बहाल की जा सकी। पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात करके पावटा नगर पालिका परिसर के 200 मीटर के दायरे में सुरक्षा कड़ी कर दी है।
घटनाक्रम के तुरंत बाद विराटनगर के पूर्व विधायक इंद्राज सिंह गुर्जर अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ तहसील व पालिका कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
इंद्राज गुर्जर ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस और उपखंड प्रशासन सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दबाव में काम कर रहा है। उनका कहना है कि निर्दलीय और विपक्षी पार्षदों पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है और वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी जा रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक निष्पक्ष चुनाव की गारंटी नहीं मिलती, उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
जयपुर ग्रामीण की पावटा नगर पालिका क्षेत्र में बोर्ड बनाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
प्रतिष्ठा का सवाल: 2023 के विधानसभा चुनाव में कुलदीप धनकड़ ने इंद्राज गुर्जर को शिकस्त दी थी। ऐसे में इस स्थानीय निकाय चुनाव को दोनों नेता अपनी निजी साख और सियासी वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।
निर्दलीयों की भूमिका: पावटा में कई वार्डों से जीतकर आए निर्दलीय पार्षद यहाँ निर्णायक भूमिका में हैं। यही वजह है कि वोटिंग के अंतिम समय तक एक-एक वोट को सुरक्षित करने के लिए दोनों खेमों में भारी खींचतान मची हुई है।
दोपहर 2 बजे तक चलने वाले इस मतदान के बाद तुरंत वोटों की गिनती शुरू होगी, जिसके बाद पावटा नगर पालिका के पहले अध्यक्ष का नाम साफ़ हो जाएगा।
Updated on:
21 Sept 2026 01:13 pm
Published on:
21 Sept 2026 01:13 pm
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