फील्ड ट्रायल में ये सफल होते हैं तो इस तरह के प्लास्टिक नोट को देश भर में लागू किया जाएगा...
जयपुर/नई दिल्ली। देश में कागज की जगह प्लास्टिक नोट का चलन जल्द हकीकत में बदलने वाला है। इसकी शुरुआत 10 रुपए के नोट से होगी। इसके लिए जरूरी मंजूरी मिल गई है और कच्चे माल की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रयोग के तौर पर जयपुर सहित पांच शहरों में जल्द इनका फील्ड ट्रायल होगा।
जयपुर के अलावा यहां भी होगा ट्रायल
जयपुर के अलावा भुवनेश्वर, मैसूर, कोच्चि और शिमला में भी ट्रायल होगा। वित्त मंत्रालय ने आरबीआई को कहा है कि अब वह प्लास्टिक सब्सट्रैट की खरीद और दूसरी सभी तैयारियां करे। इसके बाद रिजर्व बैंक ने खरीद प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। अभी बैंक नोट कॉटन सब्सट्रैट पर छपते हैं। वर्ष 2014 में ही इसकी तैयारी शुरू हुई थी, लेकिन तब वह पहल सिरे नहीं चढ़ पाई थी।
सफल होने पर पूरे देश में होंगे लागू
सरकार ने साफ कर दिया है कि फील्ड ट्रायल में ये सफल होते हैं तो इस तरह के प्लास्टिक नोट को देश भर में लागू किया जाएगा।
क्यों पड़ी जरूरत
दुनिया भर में सरकारें करेंसी की लाइफ साइकिल को बढ़ाने के उपाय तलाश रही हैं। हमारे देश में मौसम की परिस्थिती को देखते हुए लंबे समय से कागज के विकल्प पर विचार किया जा रहा था। कई बार ऊंची कीमत के सिक्ïकों का प्रयोग भी किया गया। मगर भार ज्यादा होने की वजह से वे ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो सके।
बेहतर होते हैं प्लास्टिक नोट
कागज के नोट की तुलना में प्लास्टिक नोट में फीचर ज्यादा होते हैं। कागज की नोट की इनकी औसत आयु काफी ज्यादा है। प्लास्टिक के नोट की नकल करना भी बेहद मुश्किल है। ऐसे नोट गंदे भी कम होते हैं। 1988 में ऑस्ट्रेलिया में सबसे पहले इस तरह के नोट की शुरुआत हुई थी।
वीके सूरी, पूर्व वरिष्ट बैंक अधिकारी और बैंकिंग विशेषज्ञ