जयपुर

जयपुर की ताकत को पहचानिए, विधानसभा में शहर के विधायक ने रखी बड़ी मांग

जयपुर। गुलाबी नगरी की पहचान सिर्फ पर्यटन और विरासत नहीं, बल्कि लाख की चूड़ियां, रजाइयां, जौहरी बाजार का रत्न-आभूषण कारोबार और सांगानेर का टेक्सटाइल उद्योग भी है। विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस विधायक रफीक खान ने शहर की पारंपरिक ताकतों को लेकर उद्योग एवं खेल विभाग की मांगों के दौरान चर्चा में शामिल होते हुए […]
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Feb 20, 2026
MLA Rafiq Khan

जयपुर। गुलाबी नगरी की पहचान सिर्फ पर्यटन और विरासत नहीं, बल्कि लाख की चूड़ियां, रजाइयां, जौहरी बाजार का रत्न-आभूषण कारोबार और सांगानेर का टेक्सटाइल उद्योग भी है। विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस विधायक रफीक खान ने शहर की पारंपरिक ताकतों को लेकर उद्योग एवं खेल विभाग की मांगों के दौरान चर्चा में शामिल होते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि जयपुर की चारदीवारी में आज भी लाख की चूड़ियां बनती हैं और शहर की रजाइयां देश-विदेश में पसंद की जाती हैं। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड डील की बात करते हैं, लेकिन जयपुर के इन उत्पादों के प्रमोशन की नीति पर बात नहीं होती।

उनका सवाल था कि इन उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात बढ़ाने के लिए अलग पॉलिसी क्यों नहीं बनाई जाती।
रफीक खान ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री को सबसे बड़ा रोजगारदाता बताते हुए कहा कि सांगानेर और आस-पास के क्षेत्रों में हजारों परिवार इस पर निर्भर हैं। सरकार अपनी ताकत को प्रमोट करे तो स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल सकता है।

छोटी यूनिट को सहयोग मिले, बार-बार जांच नहीं

उन्होंने कहा कि जौहरी बाजार में छोटी-छोटी यूनिट काम करती हैं, जहां से दुनिया भर में रत्न निर्यात होते हैं। ऐसी यूनिट को
बार-बार नोटिस और जांच से परेशान करने के बजाय सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भू परिवर्तन की स्पष्ट पॉलिसी नहीं होने से उद्योग लगाने में दिक्कत आती है। अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी आपत्तियां लगाते हैं, जिससे निवेशक हतोत्साहित होते हैं। रफीक खान ने पड़ासौली मामले में आवंटित जमीन की जांच की मांग करते हुए भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि बेशकीमती भूखंड किस आधार पर और किसे दिया गया, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए

Published on:
20 Feb 2026 09:26 am