जयपुर

जयपुर: CM प्रोटोकॉल के दौरान झुलसी रेशु गुप्ता का 45 दिन बाद ‘खुलासा’, इलाज और सरकारी दावों की खोल डाली पोल!

CM Convoy Accident Jaipur: जयपुर में CM के काफिले के दौरान झुलसी रेशु गुप्ता 45 दिन बाद भी सरकारी मदद का इंतजार कर रही हैं। कलक्टर से लेकर डिप्टी सीएम के चक्कर काटने के बाद भी सिर्फ उन्हें आश्वासन ही मिला है।
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Aug 03, 2026
Reshu Gupta Jaipur News
CM काफिले के दौरान झुलसी रेशु गुप्ता ने बयां किया दर्द (Photo-Patrika)

जयपुर. महल रोड पर सीएम का काफ़िले गुजरने के दौरान पुलिसकर्मी की कथित लापरवाही से झुलसी रेशु गुप्ता को हादसे के 45 दिन बीत जाने के बाद भी सरकारी सहायता का इंतजार है। रेशु का कहना है कि मदद के दावे केवल खबरों तक सीमित रह गए हैं। अब तक न तो किसी अधिकारी ने उनसे औपचारिक बातचीत की है और न ही कोई लिखित आश्वासन दिया है।

रेशु ने बताया कि मीडिया में खबरें आई कि सरकार इलाज का खर्च वहन करेगी और डेयरा बूथ देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन हकीकत अलग है। उनसे न तो कोई आवेदन मांगा गया और न ही किसी अधिकारी ने संपर्क किया।

‘पिता का साया नहीं, भविष्य को लेकर डर’

रेशु ने भावुक होते हुए बताया कि वे एक बेहद साधारण और गरीब परिवार से हैं। उनके सिर से पहले ही पिता का साया उठ चुका है, ऐसे में परिवार की आर्थिक और मानसिक जिम्मेदारियां पहले से ही काफी मुश्किल थीं। हादसे में उनके हाथ के साथ शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया, जिसकी जलन और दर्द आज भी उन्हें हर दिन महसूस होता है। उन्होंने कहा कि इस हादसे ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। अब उन्हें अपने इलाज के साथ-साथ भविष्य की भी चिंता सताती रहती है। पिता के न होने के कारण परिवार को संभालने की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। रेशु का कहना है कि उन्हें केवल सहानुभूति या आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि सरकार और प्रशासन से जमीन पर वास्तविक मदद, इलाज का पूरा खर्च और रोजगार चाहिए।

45 दिन में कहां-कहां लगाई गुहार

कलक्टर, सीएम-डिप्टी सीएम तक

  • 19 जून: सीएम का काफ़िले गुजरने के दौरान पुलिसकर्मी की कथित लापरवाही से हादसा।
  • 25 जून: नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने मदद और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
  • 28 जून: नगर निगम आयुक्त से मिलने पहुंचीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
  • 12 जुलाई: मुख्यमंत्री निवास पहुंचीं, केवल पर्ची ली गई। इसी दिन महिला आयोग भी गईं, लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं मिला।
  • 20 जुलाई: जिला कलक्टर से मिलीं, वहां से भी कोई ठोस मदद नहीं मिली।
  • 1 अगस्त: उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से मिलने पहुंचीं, लेकिन बिना मुलाकात किए लौटना पड़ा।
Updated on:
03 Aug 2026 12:02 pm
Published on:
03 Aug 2026 11:51 am