अफसरों के भी हाथ पैर फूले एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सभी रेजीडेंट दोपहर दो बजे से चले जाएंगे हडताल पर सेवारत चिकित्सकों की मांगों का कर रहे हैं समर्थन
प्रदेश के सरकारी अस्प्तालों में बीते तीन दिन से सेवारत चिकित्सक नहीं होने से मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं वहीं आज दोपहर 2 बजे से एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुडे एसएमएस अस्पताल समेत अन्य सभी सम्बद्ध अस्पतालों के रेजीडेंट हडताल पर चले जाएंगे। जिससे इन अस्पतालों की व्यवस्थााएं चिकित्सा मंत्री और सेवारत चिकित्सकों के बीच आज शाम 4 बजे होने वाली वार्ता के नतीजे तक वेंटीलेटर पर आ सकती है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्थाएं होने का लगातार दावा कर रहा है। लेकिन मरीजों को न उपचार मिल रहा है और न ही शवों के समय पर पोस्टमार्टम हो पा रहे है।
वहीं राजधानी जयपुर में भी डिस्पेंसरियों के हालात खराब है। यहां सुबह शाम मरीज इलाज के लिए पहुंच तो रहे हैं लेकिन उनको एक ही जवाब मिलता है कि डॉक्टर साहब ने इस्तीफा दे दिया है। उधर राजधानी जयपुर में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुडे सभी अस्पतालों के रेजीडेंटस के दोपहर २ बजे हड़ताल पर जाने की सूचना के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन और इससे जुडे सभी अस्पतालों के अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए है।
एसएमएस अस्पताल प्रशासन के हाथ पैर फूले -
रेजीडेंटस के दोपहर 2 बजे अनिश्चितकाल के लिए हडताल पर चले जाने के नोटिस के बाद एसएमएस अस्पताल, जेकेलोन अस्पताल समेत अन्य जुडे हुए अस्पतालों के अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए है। क्योंकि इन अस्पतालों में तैनात सेवारत चिकित्सक पहले से ही नहीं है और दोपहर बाद रेजीडेंटस भी हडताल पर चले जाएंगे ऐसे में आईसीयू,वार्ड, इमरजेंसी आॅपरेशन थिएटरों, एसएमएस इमरजेंसी, ट्रोमा इमरजेंसी के हालात खराब होने की पूरी संभावना हैं हांलाकि एसएमएस अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाएं मजबूत होने का दावा कर रहा है।
प्रतिदिन आउटडोर 10 हजार से ऊपर -
अगर रेजीडेंटस हडताल पर चले जाते हैं तो सबसे ज्यादा असर एसएमएस अस्पताल पर आएगा। क्योंकि यहां मौसमी बीमारियेां के सीजन में प्रतिदिन दस हजार से ज्यादा मरीज आउटडोर में आ रहे है। वहीं जेकेलोन अस्पताल में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ रही है। ऐसे में इन दोनों ही अस्पतालों के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। वहीं राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से जुडे जयपुरिया अस्प्ताल में भी मौसमी बीमारियों का आउटडोर प्रतिदिन 5 हजार से ऊपर चल रहा हैं। यहां भी रेजीडेंटस काम छोड़ कर जा सकते हैं।
अस्पताल की वार्ता सुबह क्यों नहीं -
आज फिर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और सेवारत चिकित्सकों के पदाधिकारियों के बीच शाम 4 बजे वार्ता होगी। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर वार्ता को सुबह 10 बजे क्यों नहीं किया जा रहा है। जिससे जल्द ही कोई नतीजा निकले और मरीजों को राहत मिले। क्योंकि अगर वार्ता शाम छह बजे भी खत्म होती है तो भी एसएमएस अस्पताल व इससे जुडे असप्ताालें की व्यवस्थाएं तो एक बार रेजीडेंटस नहीं होने से बेपटरी तो हो ही जाएंगी।
हम दो बजे से सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में अनिश्चितकाल के लिए हडताल पर जाएंगे। अस्पताल प्रशासन को भी बता दिया है। सरकार को मरीजों के हित में वार्ता जल्दी करनी चाहिए थी।
-डॉ रवि जाखड, अध्यक्ष जार्ड एसएमएस मेडिकल कॉलेज