जयपुर

Subodh Agarwal: रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को भेजा गया जेल, जांच में पुराना फोन छिपाने का मामला आया सामने

Subodh Agarwal: राजस्थान के बहुचर्चित जेजेएम घोटाले में फंसे रिटायर्ड आइएएस सुबोध अग्रवाल को जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने एसीबी की तरफ से दायर रिमांड याचिका को खारिज कर दिया। वहीं अलग सेल की डिमांड पर कोर्ट ने कोई निर्णय नहीं दिया।
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Apr 15, 2026
subodh agarwal
रिटायर्ड आइएएस सुबोध अग्रवाल (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

जयपुर। चर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में गिरफ्तार पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उनसे पूछताछ के लिए दो दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। एसीबी का कहना था कि अग्रवाल जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं, जबकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया।

पेशी के दौरान सुबोध अग्रवाल ने एसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें बेवजह मीडिया में बदनाम किया जा रहा है और यह भी पूछा कि उन्होंने किन सवालों के जवाब नहीं दिए। वहीं, उनके वकीलों ने कोर्ट में अर्जी लगाकर जेल में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और अलग सेल में रखने की मांग की। फिलहाल इस पर अदालत ने कोई फैसला नहीं सुनाया है।

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मोबाइल बदलने का मामला आया सामने

इससे पहले एसीबी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने दो दिन में करीब 12 घंटे तक अग्रवाल से पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि शिकायत दर्ज होने के बाद उन्होंने अपना पुराना मोबाइल छिपा लिया था और नया फोन इस्तेमाल कर रहे थे। जांच एजेंसी अब उनके मोबाइल का लॉक खुलवाकर अहम जानकारी जुटाने की तैयारी में है।

एसीबी कार्यालय पहुंची थी सुबोध अग्रवाल की पत्नी

पूछताछ के दौरान अग्रवाल की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद रिपोर्ट सामान्य आई। बाद में उन्हें फिर एसीबी कार्यालय लाकर पूछताछ जारी रखी गई। इस बीच उनकी पत्नी भी उनसे मिलने एसीबी कार्यालय पहुंचीं, लेकिन टीम उस समय उन्हें अस्पताल ले गई हुई थी।

जेजेएम ठेकेदारों का नहीं हो रहा भुगतान

उधर, जेजेएम परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों ने भुगतान नहीं मिलने पर जल भवन में धरना दिया। उनका कहना है कि करीब 3500 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित है। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे काम और रखरखाव बंद कर देंगे, जिससे गर्मियों में पेयजल संकट गहरा सकता है।

सुबोध अग्रवाल पर क्या हैं आरोप?

सुबोध अग्रवाल पर जल जीवन मिशन के तहत करीब 960 करोड़ रुपए के घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। एसीबी के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं, फर्जी तरीके से भुगतान और नियमों की अनदेखी कर ठेके देने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और इसमें अन्य अधिकारियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

Updated on:
15 Apr 2026 09:27 pm
Published on:
15 Apr 2026 09:21 pm
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