
ACB मुख्यालय में चार्जशीट पेश करने के लिए तैयार किए गए दस्तावेज और गोले में सुबोध अग्रवाल की फोटो: पत्रिका
Jal Jeevan Mission Scam Case Update: सेवानिवृत्त आइएएस सुबोध अग्रवाल की रिमांड अवधि पूरी होने पर सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उनका रिमांड दो दिन बढ़ाकर फिर एसीबी को सौंप दिया गया। एसीबी ने रिमांड बढ़ाने का आग्रह किया था।
डीआइजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि अनुसंधान अधिकारी एएसपी महावीर शर्मा ने इस मामले में 17 फरवरी को गिरफ्तार सभी 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सूत्रों के अनुसार चार्जशीट करीब 16 हजार पेजों की है। इससे संबंधित 3.15 लाख से अधिक पेज की फोटो कॉपी करवाई गई है। अब लोकसेवकों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी।
एसीबी आरोपी सुबोध अग्रवाल को कोर्ट में लेकर पहुंची, तब मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि 37 टेंडरों में से केवल 4 उनके कार्यकाल के हैं, जबकि अन्य 33 टेंडर पूर्व अधिकारी सुधांश पंत के समय के हैं। एसीबी जिनमें पैसा ही नहीं दिया गया, उनमें उनसे पूछताछ कर रही है, जबकि जिनमें 600 करोड़ रुपए गए उनमें पूछताछ नहीं कर रही।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, अग्रवाल के खिलाफ दस्तावेजी सबूत प्रमाणित हैं। इरकॉन के फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर अन्य फर्म ने उन्हें शिकायत की। बाद में इरकॉन के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने ई-मेल भेजकर प्रमाण पत्र को फर्जी बताया। इसके बावजूद जांच कमेटी बनाई और फर्जीवाड़ा करने वाली फर्म को भुगतान कर दिया। टेंडर भी जारी किए। यह सब रिकॉर्ड पर है।
एसीबी ने मामले में फर्म एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जितेन्द्र शर्मा, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मुकेश गोयल और दलाल संजीव गुप्ता की सम्पति की कुर्क करने की कवायद शुरू कर दी। न्यायालय में इस संबंध में आवेदन पेश किया है।
इस प्रकरण से जुड़ी 11 याचिकाओं पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 21 अप्रेल को होगी। इससे पहले सुनवाई की तारीख सोमवार को थी।
Published on:
14 Apr 2026 08:10 am
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