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खुशखबरी : राजस्थान के सोलर उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने बिजली शुल्क वसूली पर लगाई रोक

Solar Electricity: राजस्थान हाईकोर्ट ने सौर विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्व-उपभोग की बिजली पर लगाए विद्युत शुल्क को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने इसे राज्य की सौर नीति के विपरीत माना है।
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उदयपुर

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Kamal Mishra

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Updated: 14 Apr 2026, 6:00 AM IST

solar panels

फोटो-पत्रिका

उदयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्व-उपभोग की बिजली पर लगाए जा रहे विद्युत शुल्क को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह वसूली राज्य की सौर विद्युत नीति के विपरीत है और इसे जारी रखना उचित नहीं है।

न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने अपने फैसले में 10 मई 2022 तक स्थापित सोलर संयंत्रों को विशेष राहत दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि इन संयंत्रों से स्व-उपभोग की जाने वाली बिजली पर लिया जा रहा शुल्क निरस्त किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे सोलर पीवी प्लांट्स पर स्थापना तिथि से सात वर्ष की अवधि तक किसी प्रकार का विद्युत शुल्क नहीं लगाया जा सकता।

इन लोगों को मिलेगा फायदा

कोर्ट ने माना कि सरकार द्वारा घोषित सौर नीति का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है, ऐसे में उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलना नीति के मूल उद्देश्य के खिलाफ है। इस निर्णय से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि उन उद्योगों को भी फायदा होगा जिन्होंने सौर ऊर्जा संयंत्रों में निवेश किया है। हाईकोर्ट के इस फैसले को सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

यह वीडियो भी देखें :

यह है मामला

मामला तब का है जब राज्य के विद्युत वितरण निगमों ने 30 जून 2021 को आदेश जारी कर 1 अप्रेल 2020 से 60 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से शुल्क वसूली शुरू कर दी थी। विशेषज्ञों ने इसे 'राजस्थान सोलर पॉलिसी- 2019' के प्रावधानों के खिलाफ बताया, जिसमें संयंत्र चालू होने से 7 साल तक विद्युत शुल्क में छूट का स्पष्ट प्रावधान है।

उदयपुर में सोलर सिस्टम की स्थिति

  • 27 सोलर प्लांट कुसुम योजना के तहत संभाग में
  • 10 हजार उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के हैं
  • 05 हजार उपभोक्ता बिना सब्सिडी वाले है यहां

यह है सोलर पॉलिसी-2019

राजस्थान सोलर पॉलिसी-2019 के तहत राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसमें सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को उत्पादन शुरू होने से 7 साल तक विद्युत शुल्क में छूट दी जाती है, ताकि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।

उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

हाईकोर्ट के फैसले के बाद सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को पूर्व में वसूले गए शुल्क से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे बिजली बिल में कमी आएगी और नए उपभोक्ता भी सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

टॉपिक एक्सपर्ट-

'सितम्बर 2022 तकज जिन लोगों ने कनेक्शन ले लिए थे, उनसे वसूला विद्युत शुल्क वापस करना होगा। यह फैसला सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में रूफटॉप सोलर की गति तेज होगी।' -वाई.के. बोलिया, रिटायर्ड एसई व उर्जा सलाहकार