जयपुर

RGHS: बड़ी कार्रवाई, अनियमितताओं पर 19 FIR और 64 कार्मिक निलंबित, 39 करोड़ रुपए की रिकवरी

Jaipur News: अब तक कुल 19 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 64 कार्मिक निलंबित किए गए हैं, लगभग 500 कार्ड ब्लॉक किए गए हैं और फर्जी क्लेम से करीब 39 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है।
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Feb 13, 2026
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ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Health Scam: जयपुर. राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। हाल ही में योजना में फर्जीवाड़ा और गलत क्लेम का मामला सामने आने पर 7 चिकित्सकों को निलंबित किया गया और एक अस्पताल तथा एक डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

आरजीएचएस योजना में सीकर जिले के मेडिकल कॉलेज में पदस्थ 7 चिकित्सकों को निलंबित किया गया है। इनमें अस्थि रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. कमल कुमार अग्रवाल, डॉ. सुनील कुमार ढाका; जनरल मेडिसिन विभाग के डॉ. मुकेश वर्मा; सीएचसी किरवा के डॉ. राकेश कुमार; एसके अस्पताल के डॉ. गजराज सिंह; डॉ. एसएस राठौड़ और डॉ. सुनील शर्मा शामिल हैं।

भरतपुर के भरतपुर नर्सिंग होम और बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर ने मिलीभगत कर फर्जी बिल और अनुचित क्लेम किए। आरजीएचएस कार्ड का दुरूपयोग कर लाभार्थियों के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया। डॉ. संगीता अग्रवाल ने बिना अनुमोदन के अपने अस्पताल में आरजीएचएस बोर्ड लगाकर सेवाएं दीं और क्लेम पोर्टल पर गलत तरीके से भुगतान कराया।

जांच में यह भी सामने आया कि बीकानेर के डायग्नोस्टिक सेंटर में मरीजों को जरूरत से अधिक जांचें दी गईं, जिनमें HbA1c, RA Factor, Procalcitonin जैसी जाँच शामिल थीं। कई मामलों में रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी और चिकित्सकों के नाम व सील का फर्जी प्रयोग किया गया।

पूर्व कार्रवाई में भी योजना में गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों, फार्मेसी और लाभार्थियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए थे। अब तक कुल 19 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 64 कार्मिक निलंबित किए गए हैं, लगभग 500 कार्ड ब्लॉक किए गए हैं और फर्जी क्लेम से करीब 39 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है।


चिकित्सा विभाग की अब तक की कार्रवाई

  1. RGHS योजना में अनियमितताओं पर 7 चिकित्सक निलंबित।
  2. भरतपुर नर्सिंग होम और बीकानेर डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
  3. लाभार्थियों के कार्ड का दुरुपयोग कर उठाए गए फर्जी क्लेम।
  4. अस्पताल और फार्मेसी ने मिलीभगत कर फर्जी बिल तैयार किए।
  5. कई मरीजों को जरूरत से अधिक जांचें दी गईं।
  6. चिकित्सकों के नाम और सील का फर्जी प्रयोग पाया गया।
  7. योजना में अब तक 19 एफआईआर दर्ज।
  8. 64 कार्मिकों को निलंबित किया गया और लगभग 500 कार्ड ब्लॉक किए गए।
  9. अस्पतालों से 32 करोड़ रुपए और फार्मेसियों से 5 करोड़ रुपए की रिकवरी।
  10. योजना में सुधार और अनियमितताओं पर निरंतर निगरानी जारी।
Updated on:
13 Feb 2026 09:02 pm
Published on:
13 Feb 2026 09:02 pm