जयपुर

Rajasthan News : RGHS घोटाले में एसओजी का एक्शन, तीन कर्मचारी गिरफ्तार

Rajasthan RGHS Scam : स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए सीकर जिले में सामने आए बहुचर्चित आरजीएचएस घोटाले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने लैब संचालकों और चिकित्सकों के साथ मिलकर फर्जी परामर्श पर्चियां और जांच रिपोर्ट तैयार कर करोड़ों रुपए का सरकारी भुगतान प्राप्त किया।

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Jun 13, 2026
RGHS Scam
गिरफ्तार आरोपी। फोटो पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan RGHS Scam : जयपुर। राजस्थान सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए सीकर जिले में सामने आए बहुचर्चित आरजीएचएस घोटाले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने लैब संचालकों और चिकित्सकों के साथ मिलकर फर्जी परामर्श पर्चियां और जांच रिपोर्ट तैयार कर करोड़ों रुपए का सरकारी भुगतान प्राप्त किया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि दादिया सीकर निवासी बजरंग सिंह (54), उद्योग नगर सीकर निवासी अरविन्द कुमार शिला (35) और विक्रम कल्याण (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 16 जून तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया।

राज्य सरकार ने आरजीएचएस योजना में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों की गहन आपराधिक जांच एसओजी को सौंपी है। विशेष सतर्कता समिति और विभागीय ऑडिट में कई मामलों में राजस्व हानि और संगठित अपराध के संकेत मिलने पर उन्हें जांच के लिए एसओजी को भेजा गया था। सीकर का मामला भी इन्हीं प्रकरणों में शामिल है।

मरीजों को देखे बिना ही बना डाली पर्चियां

सीकर स्थित डॉ विजय एंड बी.लाल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक लेट विजय मूंड द्वारा एस.के हॉस्पीटल सीकर में पदस्थ डॉ कमल कुमार अग्रवाल, डॉक्टर गजराज सिंह, डॉ सुनील ढाका, डॉ राकेश चौधरी एवं डॉ मुकेश वर्मा के साथ मिलीभगत कर आरजीएचएस योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बिना देखे अथवा केवल कागजों पर ही परामर्श पर्चियों में अनावश्यक जांचें लिखी गई और उन पर आधारित फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार कर आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड की गईं और योजना के तहत करोड़ों रुपए का भुगतान प्राप्त किया गया।

इस तरह करते थे फर्जीवाड़ा

अनुसंधान के दौरान आरोपी लैब संचालक बनवारी लाल उर्फ बी लाल एवं डॉ कमल कुमार उर्फ के.के अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर 4 मई को गिरफ्तार किया गया जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है। एसओजी के अनुसार लैब पर कार्यरत कर्मचारी आरजीएचएस लाभार्थियों के कार्ड नंबर लेकर एस.के हॉस्पीटल में काम करने वाले चिकित्सकों से लिखवाकर परामर्श पर्चियों पर अंकित करते थे और वापस इन्हें डॉ विजय मूंड को सौंपा जाता था। पहले से तय जांचों को चिकित्सकों से पर्चियों में दर्ज कराया जाता और फिर उनके आधार पर फर्जी जांच रिपोर्ट बनाकर पोर्टल पर अपलोड की जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया से सरकारी धन का दुरुपयोग कर पैसे कमाए।

मामले में एसओजी ने बजरंग सिंह, अरविंद कुमार शीला और विक्रम कल्याण को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में फर्जी पर्चियां तैयार करने, लाभार्थियों के कार्ड विवरण जुटाने, चिकित्सकों तक दस्तावेज पहुंचाने और भुगतान राशि के बंटवारे से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी।

एसओजी अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य डॉक्टरों, लैब संचालकों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कर जब्ती और अटैचमेंट की कार्रवाई भी की जा सकती है।

Updated on:
13 Jun 2026 06:35 pm
Published on:
13 Jun 2026 06:30 pm