
डॉ. बनवारी लाल और डॉ. केके अग्रवाल (पत्रिका फोटो)
जयपुर/सीकर: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में सामने आया कि डॉक्टरों और लैब संचालकों की मिलीभगत से फर्जी जांच, नकली पर्चियां और झूठी रिपोर्ट के जरिए सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया गया।
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि कल्याण अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. के.के. अग्रवाल और निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल चौधरी उर्फ बी. लाल को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर आरजीएचएस पोर्टल पर फर्जी दावे अपलोड कर रकम वसूलने का आरोप है।
आरजीएचएस घोटाले में दो चिकित्सकों की गिरफ्तारी के विरोध में एसके अस्पताल के डॉक्टरों ने धरना शुरू किया। डॉक्टरों ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
जांच में सामने आया कि कई मामलों में मरीज शहर में मौजूद ही नहीं था, फिर भी उसके नाम पर जांच दिखाकर भुगतान लिया गया। एक मामले में मरीज दूसरे अस्पताल में भर्ती था, फिर भी उसके नाम से क्लेम उठाया गया।
कुछ जगह निजी डॉक्टर के रेफरल को सरकारी डॉक्टर के नाम से दिखाया गया। कई मरीजों को अपने नाम पर उठाए गए क्लेम की जानकारी तक नहीं थी।
Updated on:
05 May 2026 12:07 pm
Published on:
05 May 2026 07:29 am
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