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RGHS पर रार बरकरार: अस्पतालों में ठप पड़ा है उपचार, मरीज हो रहे लाचार, अस्पतालों का नई TID जनरेट करने पर साफ इनकार

RGHS: भीलवाड़ा में RGHS को लेकर निजी अस्पतालों का बहिष्कार जारी है। इलाज ठप होने से मरीज वापस लौट रहे हैं। अस्पताल नई TID बनाने से इनकार कर रहे हैं। क्लेम देरी और कार्रवाई से डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई है।
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भीलवाड़ा

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Arvind Rao

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Updated: 21 Apr 2026, 2:17 PM IST

RGHS Crisis in Rajasthan Private Hospitals Halt Treatment No New TID as Deadlock Between Doctors and Govt Ends

निजी अस्पताल में सुना पड़ा आरजीएचएस काउंटर (फोटो- पत्रिका)

Rajasthan Health Scheme: भीलवाड़ा: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस को लेकर सरकार और निजी अस्पतालों के बीच चल रहा गतिरोध अब आर-पार की जंग में बदल गया है। आईएमए राजस्थान के आह्वान पर भीलवाड़ा सहित पूरे प्रदेश में निजी अस्पतालों ने योजना का पूर्ण बहिष्कार कर दिया।

हालात यह हो रहे हैं कि अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बैरंग लौटना पड़ रहा। अस्पतालों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, नई टीआइडी जनरेट नहीं की जाएगी।

क्लेम में देरी और प्रताड़ना से नाराजगी

चिकित्सक संगठनों का आरोप है कि सरकार लंबे समय से क्लेम सेटलमेंट में देरी कर रही है। इससे अस्पतालों का संचालन मुश्किल हो रहा। इसके साथ ही मामूली तकनीकी खामियों को गंभीर अपराध की श्रेणी में मानकर डॉक्टरों पर की जा रही कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है। जयपुर में डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी के बाद चिकित्सकों का यह आक्रोश प्रदेशव्यापी आंदोलन में बदल गया है।

अस्पतालों के बाहर पसर रहा सन्नाटा, काउंटर से लौटे मरीज

शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में आरजीएचएस काउंटर पर सन्नाटा पसरा रहा है। जो मरीज भर्ती होने या ऑपरेशन के लिए पहुंच रहे, उन्हें प्रक्रिया बंद होने का हवाला देकर मना किया जा रहा है।

आईएमए भीलवाड़ा के अध्यक्ष डॉ. दुष्यंत शर्मा सहित प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रक्रियात्मक जटिलताओं और मामूली त्रुटियों को लेकर जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह असहनीय है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि बहिष्कार अनिश्चितकाल के लिए हो सकता है, जब तक कि सरकार समाधान नहीं निकालती। डॉक्टरों ने लाभार्थियों से सहयोग की अपील करते हुए सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की उम्मीद जताई है।

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