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भीलवाड़ा में तेज अंधड़ से भरभरा कर गिरी दीवार, दबने से शिक्षक की मौत

भीलवाड़ा जिले के हुरड़ा में आई तेज आंधी में दीवार के गिर जाने से उसमें दबकर एक शिक्षक की मौत हो गई। स्थानीय जवाहर नवोदय विद्यालय में पीजीटी कंप्यूटर साइंस विषय के अध्यापक योगेश कुमार नामा देर शाम खेल के मैदान पर घूम रहा थे।
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भीलवाड़ा

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kamlesh sharma

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Updated: 1 Jun 2026, 3:40 PM IST

Teacher death Bhilwara

फोटो पत्रिका नेटवर्क

भीलवाड़ा। जिले के हुरड़ा में बीती रात आई तेज आंधी में दीवार के गिर जाने से उसमें दबकर एक शिक्षक की मौत हो गई। स्थानीय जवाहर नवोदय विद्यालय में पीजीटी कंप्यूटर साइंस विषय के अध्यापक योगेश कुमार नामा देर शाम खेल के मैदान पर घूम रहा थे। इसी दौरान आई तेज आंधी और धूल से बचने के लिए खेल मैदान पर ही बने स्टेज के पीछे की दीवार के सहारे वह अपने आप को बचाने के लिए खड़ा हो गए।

इसी दौरान तेज अंधड़ के चलते वह दीवार भरभरा कर गिर पड़ी। काफी देर तक उनके विद्यालय परिसर में ही बने निवास पर नहीं पहुंचने पर परिजनों और चौकीदार द्वारा तलाशी ली गई, जिस पर उक्त हादसे में उन्हें दबा हुआ पाया गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। योगेश मूलतः टोंक जिले के पीपलू गांव का रहने वाला थे। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और एक पुत्र और एक पुत्री है।

अंधड़ और बारिश से बिजली तंत्र ध्वस्त

वहीं, भीलवाड़ा जिले में शनिवार की रात किसी डरावने ख्वाब से कम नहीं रही। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने ऐसा तांडव मचाया कि अजमेर विद्युत वितरण निगम का पूरा सिस्टम ही ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। तेज रफ्तार धूल भरी आंधी और उसके बाद आई तेज बारिश ने जिले की बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा से निगम को दो करोड़ रुपए से अधिक की चपत लगने का अनुमान है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भीषण तबाही में किसी भी प्रकार की जन या पशु हानि की खबर नहीं है। दूसरी तरफ बिजली की लाइन नीचे आने से कई गांवों में आवाजाही भी प्रभावित हुई।

अंधकार में डूबे गांव और शहर, थम गई जिंदगी की रफ्तार

अचानक आसमान में धूल का गुबार छाया और देखते ही देखते तेज अंधड़ ने पूरे जिले को अपने आगोश में ले लिया। हवा की रफ्तार इतनी खौफनाक थी कि रास्ते में आने वाले टीन टप्पर, होर्डिंग्स और बैनर तो उड़े ही, साथ ही बिजली के भारी-भरकम टॉवर और पोल भी जमींदोज हो गए। इसके तुरंत बाद हुई तेज बारिश ने निगम के बचाव कार्य में रोड़ा अटकाया। इस दोहरी मार के कारण भीलवाड़ा शहर के रीको थर्ड एरिया सहित कई इलाकों में करीब दो घंटे तक बत्ती गुल रही। वहीं, ग्रामीण इलाकों में हालात बेहद बदतर हो गए, जहां मांडल और सहाड़ा विधानसभा क्षेत्रों सहित करीब 32 गांवों में पांच से दस घंटे तक पूरी तरह से अंधेरा छाया रहा और जनजीवन ठहर सा गया।

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