
जयपुर। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अशोक गहलोत सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट किया, गहलोत सरकार के कुशासन से कौन नहीं परेशान। जब डॉक्टर न्याय के लिए आवाज उठा रहे हैं तो उन पर भी लाठियां बरसाई जा रही हैं। इनका दमन करने वाले गहलोत जी अपने इलाज के लिए कहां पनाह पाएंगे? अगले चुनाव में यह देखा जाएगा। #नहीं_संभलता_तो_छोड़_दो। उन्होंने साथ ही वीडियो भी ट्वीट किया है, जिसमें पुलिस डॉक्टर पर लाठीचार्ज करती नजर आ रही है।
ये ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर रीट्वीट हो रहा है। यूजर्स ने जमकर कमेंट भी किए हैं। कुछ ने इस लाठीचार्ज को गलत बताया तो कुछ ने राइट टू हेल्थ का समर्थन किया। लोगों ने कहा डॉक्टर पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए। उधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी निंदा की है। एसोसिएशन ने ट्वीट किया, राजस्थान में स्वास्थ्य के अधिकार विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा डॉक्टरों पर क्रूर हमले की निंदा करता है और सरकार से अपील करता है। राजस्थान की जनता के स्वास्थ्य के लिए डॉक्टरों से चर्चा कर समस्या का समाधान करें।
इसे लेकर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि डॉक्टर्स पर लाठी चार्ज से अगर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं खेद प्रकट करता हूं। डॉक्टर्स पर लाठी चार्ज नहीं होना चाहिए। खाचरियावास ने कहा कि मैं डॉक्टर्स का सम्मान करता हूं, डॉक्टर जीवन दान देने वाला होता है। डॉक्टर पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था।
निजी अस्पतालों की ओर से नो टू आरटीएच की मांग की जा रही है। निजी अस्पतालों का कहना है कि राइट टू हेल्थ बिल को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस बिल में कोई संशोधन भी नहीं चाहिए। किसी भी तरीके से यह बिल नहीं चाहिए। गौरतलब है प्रदेश में राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में 2500 से ज्यादा निजी अस्पताल बंद हैं। जिसका खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।