जयपुर

Right To Health Bill से आपको क्या फ़ायदा होगा, समझें 10 पॉइंट्स में

Right To Health Bill Rajasthan: एक तरफ डॉक्टर का विरोध तो दूसरी तरफ विधानसभा में राइट टू हेल्थ बिल ध्वनी मत से पारित कर दिया गया है।
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Mar 21, 2023
Right to health bill: बढ़ सकती हैं मरीजों की मुश्किलें, 21 मार्च तक बंद रहेंगे निजी अस्पताल
Right to health bill: बढ़ सकती हैं मरीजों की मुश्किलें, 21 मार्च तक बंद रहेंगे निजी अस्पताल

Right To Health Bill Rajasthan: एक तरफ डॉक्टर का विरोध तो दूसरी तरफ विधानसभा में राइट टू हेल्थ बिल ध्वनी मत से पारित कर दिया गया है। हालांकि इस बिल के कुुछ प्रावधानों को लेकर विपक्ष् विरोध भी कर रहा है लेकिन सरकार इसे आमजन के लिए लाभकारी बता रही है। दरअसल इस राइट टू हेल्थ बिल को लेकर जो विरोध हो रहा है वह निजी चिकित्सक कर रहे हैं। इस बिल के तहत प्राइवेट अस्पताल किसी भी इमरजेंसी में इलाज के लिए बाध्य हो जाएंगे। यही नहीं इस दौरान हॉस्पीटल में आने वाले निजी अस्पताल बिना किसी पेमेंट के इलाज करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

किसी भी गंभीर बीमारी में इमरजेंसी होने पर मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हो सकेगा व इलाज ले सकेगा। डॉक्टरों के प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता की और इस बिल में बदलाव करने के सुझाव दिए। यही नहीं इस बिल में दुर्घटना में घायल मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाले को भी सरकार की तरफ से 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।

10 बातों से समझें क्या होगा फायदा

1. राइट टू हेल्थ में जैव आतंकवाद, नेचुरल बायोलॉजिकल खराबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया, वायरस, जहरीले पदार्थों, केमिकल अटैक, परमाणु हमला या दुर्घटना, आबादी की बड़ी तादाद में मौत, गैसों का फैलना और जोखिम शामिल किए गए हैं। इससे होने वाले नुकसान भी कवर होंगे।

2. महामारी के दौरान राइट टू हेल्थ प्रदेश के लोगों के इलाज, इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट, डायग्नोसिस, नर्सिंग, जांच, उपचार, प्रोसीजर्स को इस बिल मेें शामिल किया गया हैं।

3. गवर्नमेंट और प्राइवेट इंस्टीट्यूट, फैसिलिटी, बिल्डिंग, जगह इसमें शामिल हैं। इनडोर, आउटडोर यूनिट्स, सरकारी या प्राइवेट स्वामित्व से चलाए जा रहे संस्थान, फंडेड और कंट्रोल्ड इंस्टीट्यूट्स इसमें शामिल होंगे।

4. हेल्थ साइंस डॉक्टर्स, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सोशल वर्कर्स, स्पेशियलाइज्ड हेल्थ प्रोवाइडर, नर्सिंग, रिहैब, हेल्थ रिकवरी, ट्रीटमेंट और दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं, इलाज के खर्चे, जोखिम, फायदों और विकल्पों को भी इसमें शामिल किया गया है।

5. राइट टू हेल्थ में राजस्थान के हर व्यक्ति को बीमारी का डायग्नोसिस, जांच, इलाज, भावी रिजल्ट और संभावित जटिलताओं और एक्सपेक्टेड खर्चों के बारे में अच्छी तरह जानकारी मिल सकेगी। डॉक्टर को दिखाना और परामर्श, दवाइयां, डायग्नोसिस, इमरजेंसी ट्रांसपोर्टेशन यानी एम्बुलेंस सुविधा, प्रोसीजर और सर्विसेज, इमरजेंसी ट्रीटमेंट मिलेगा।

6. मरीज को बीमारी की नेचर, कारण, वास्तविक जांच, केयर, इलाज और रिजल्ट, सम्भावित जटिलताओं और एक्सपेक्टेड खर्चों के बारे में पूरी जानकारी के साथ पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट्स की ओर से फ्री ट्रीटमेंट दिया जाएगा। फीस या चार्ज के एडवांस पेमेंट के बिना इमरजेंसी कंडीशन के दौरान बिना देरी किए प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर जरूरी इमरजेंसी ट्रीटमेंट फैसिलिटी और इंटेंसिव केयर में इलाज करेंगे।

7. सर्जरी, कीमोथैरेपी की पहले से ही सूचना देकर इलाज के दौरान सीक्रेसी, मानव गरिमा और गोपनीयता का ख्याल रखा जाएगा। मेल वर्कर की ओर से महिला पेशेंट के फिजिकल टेस्ट के दौरान महिला की उपस्थिति जरूरी होगी।

8. किसी भी तरह की सर्विस और फैसिलिटी की दरों तथा उस पर लगने वाले क्स के बारे में मरीज व परिजनों सूचना का हक होगा।

9. डॉक्टर की सलाह के बगैर हॉस्पिटल या ट्रीटमेंट सेंटर छोडकर जाने वाले मरीज के मामले में इलाज का ब्योरा प्राप्त किया जा सकेगा। रोड एक्सीडेंट्स में फ्री ट्रांसपोर्टेशन, फ्री ट्रीटमेंट औरर फ्री इंश्योरेंस कवर इस्तेमाल होगा।

10. सुरक्षित खाना देने, सेफ पीने के पानी की व्यवस्था, हाईजीन के लिए सरकारी डिपार्टमेंट्स के बीच आपसी तालमेल रखा जाएगा। शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए सिस्टम बनाना होगा। वेब पोर्टल, शिकायतों सहायता केंद्र को 24 घंटे के अंदर संबंधित अधिकारी को भेजा जाना होगा,24 घंटे के अंदर शिकायत करने वाले को जवाब देगा। डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अथॉरिटी को शिकायत मिलने के 30 दिन में उचित कार्रवाई करनी होगी।

Updated on:
21 Mar 2023 06:04 pm
Published on:
21 Mar 2023 05:37 pm